UP : नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jewar Airport) के पास अब बड़ी इलेक्ट्रॉनिक कंपनियों के प्लांट लगेंगे। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने सेक्टर 10 में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC) के लिए
UP : नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jewar Airport) के पास अब बड़ी इलेक्ट्रॉनिक कंपनियों के प्लांट लगेंगे। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने सेक्टर 10 में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC) के लिए जमीन देना शुरू कर दिया है। इस कदम से इलाके में निवेश बढ़ेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए मौके खुलेंगे।
किन कंपनियों को मिली जमीन और कितना होगा निवेश
YEIDA ने कई बड़ी कंपनियों को जमीन के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) जारी कर दिए हैं। इसमें Dixon Technologies, Aditech Semiconductors, Aurionpro Toshi Automatic Systems और Shailsuta Projects जैसी कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा Havells को 800 करोड़ रुपये के निवेश के लिए 50 एकड़ जमीन दी गई है, जबकि Neenjas Electric करीब 169 करोड़ रुपये लगाकर EV चार्जिंग और रिन्यूएबल एनर्जी पर काम करेगी।
| कंपनी का नाम |
निवेश/विवरण |
| Havells |
800 करोड़ रुपये (50 एकड़ जमीन) |
| Foxconn (HCL के साथ) |
3,700 करोड़ रुपये (सेमीकंडक्टर प्लांट) |
| Neenjas Electric |
169 करोड़ रुपये (EV चार्जिंग) |
| कुल अनुमानित निवेश |
लगभग 2,500 करोड़ रुपये |
आम लोगों को क्या होगा फायदा और क्या है योजना
केंद्र सरकार की EMC 2.0 स्कीम के तहत इस प्रोजेक्ट के लिए 417 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इस क्लस्टर के बनने से करीब 15,000 लोगों को सीधे तौर पर नौकरी मिलने की उम्मीद है। इसका मकसद भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों का उत्पादन बढ़ाना है ताकि विदेशों से आयात कम हो सके।
इंफ्रास्ट्रक्चर और रेजिडेंशियल प्लॉट की क्या स्थिति है
सेक्टर 10 में बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, बिजली और पानी के नेटवर्क के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसे 18 महीने में पूरा किया जाएगा। इसके साथ ही Jewar Airport के पास रेजिडेंशियल प्लॉट की स्कीम भी आई थी, जिसके आवेदन 6 मई 2026 तक लिए गए और इनका आवंटन 18 जून 2026 को होना तय है। YEIDA ने नए प्रोजेक्ट्स के लिए साल 2025-26 में 2,700 एकड़ जमीन भी खरीदी है।