Delhi में यमुना के सूखे तल में लौटा पानी, हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया हजारों क्यूसेक जल
Delhi: पहाड़ी इलाकों में हुई भारी बारिश के बाद दिल्ली के लिए एक अच्छी खबर आई है। लंबे समय से सूखी पड़ी यमुना नदी में अब पानी की आवक शुरू हो गई है। हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया है, जिससे नद
Delhi: पहाड़ी इलाकों में हुई भारी बारिश के बाद दिल्ली के लिए एक अच्छी खबर आई है। लंबे समय से सूखी पड़ी यमुना नदी में अब पानी की आवक शुरू हो गई है। हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया है, जिससे नदी के जलस्तर में सुधार की उम्मीद है।
शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को हथिनीकुंड बैराज पर पानी का बहाव काफी बढ़ गया। अलग-अलग रिपोर्टों के अनुसार, पानी की आवक 38,789 क्यूसेक से लेकर 50,675 क्यूसेक तक दर्ज की गई। स्थिति को देखते हुए बैराज के 18 में से 10 गेट खोल दिए गए हैं। यह पानी अगले 48 से 72 घंटों के भीतर दिल्ली पहुंच जाएगा।
SANDRP के समन्वयक भीम सिंह रावत ने इसे दिल्ली के जल संसाधनों के लिए एक सकारात्मक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि काफी समय के सूखे के बाद पहली बार नदी के तल में पानी आया है। वहीं, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल बाढ़ का कोई खतरा नहीं है और स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है।
सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता प्रवीण गुप्ता ने बताया कि मानसून को देखते हुए फ्लड कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय कर दिया गया है। हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब और उत्तराखंड के डाकपत्थर से लगातार अपडेट लिए जा रहे हैं। सरकार चेतावनी के निशान को 205 मीटर और खतरे के निशान को 205.75 मीटर तक बढ़ाने पर भी विचार कर रही है।
शुक्रवार शाम तक दिल्ली में यमुना का जलस्तर 201.88 मीटर था, जो कि चेतावनी और खतरे के निशान से काफी नीचे है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर यमुना किनारे बसे सभी संवेदनशील गांवों को अलर्ट पर रखा है। साथ ही, हथिनीकुंड बैराज को सुरक्षित रखने के लिए बनाई गई 146 करोड़ रुपये की हाई-टेक डायाफ्राम वॉल की भी इस बार कड़ी परीक्षा होगी।