Delhi: यमुना नदी को साफ करने के लिए केंद्र सरकार ने अब सख्त रुख अपनाया है। गृह मंत्री Amit Shah ने दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारों को निर्देश दिया है कि वे अलग-अलग काम करने के बजाय एक यूनिट की तरह मिलकर काम कर
Delhi: यमुना नदी को साफ करने के लिए केंद्र सरकार ने अब सख्त रुख अपनाया है। गृह मंत्री Amit Shah ने दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारों को निर्देश दिया है कि वे अलग-अलग काम करने के बजाय एक यूनिट की तरह मिलकर काम करें। नदी की सफाई के लिए अब हर 20 दिन में प्रोग्रेस की समीक्षा की जाएगी ताकि काम में कोई देरी न हो।
यमुना सफाई के लिए क्या है नया प्लान?
सरकार ने साल 2027 तक 59 नए Sewage Treatment Plants (STPs) लगाने का लक्ष्य रखा है। इसका मकसद नदी में गिरने वाले गंदे पानी को रोकना है। साथ ही, MCD और National Dairy Development Board (NDDB) के बीच एक समझौता होगा, जिससे डेयरी के कचरे को नदी में जाने से रोका जाएगा और उसे बायोगैस और जैविक खाद में बदला जाएगा।
सफाई के काम में अब तक क्या हुआ?
नदी से गाद निकालने (Desilting) का काम काफी आगे बढ़ चुका है और लगभग 97% लक्ष्य पूरा हो गया है। यह काम 15 जून तक पूरा होने की उम्मीद है। निकाली गई गाद का इस्तेमाल निर्माण कार्यों में किया जाएगा। इससे पहले मार्च में AI तकनीक का इस्तेमाल कर 42 किलोमीटर के हिस्से से कचरा और खरपतवार हटाया गया था।
सुप्रीम कोर्ट और NGT की सख्ती
सुप्रीम कोर्ट ने यमुना की हालत पर दुख जताते हुए इसे ‘सीवेज नाले’ जैसा बताया है और एक सिंगल अथॉरिटी से इसकी निगरानी करने को कहा है। वहीं National Green Tribunal (NGT) ने वृंदावन और कोसी जैसे शहरों से बिना ट्रीटमेंट के पानी नदी में छोड़ने पर यूपी सरकार और अन्य एजेंसियों को नोटिस जारी किया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यमुना की सफाई के लिए कितने नए STP लगाए जाएंगे और कब तक?
साल 2027 तक कुल 59 नए Sewage Treatment Plants (STPs) लगाए जाएंगे, जिसकी निगरानी गृह मंत्री Amit Shah खुद कर रहे हैं।
डेयरी वेस्ट को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
MCD और NDDB के बीच एक MoU साइन होगा, जिसके तहत डेयरी कचरे को नदी में जाने से रोककर उसे बायोगैस और खाद में बदला जाएगा।