Bihar: भागलपुर को एक मॉडल शहर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। World Bank की एक उच्चस्तरीय टीम ने 21 से 23 अप्रैल 2026 तक शहर का दौरा किया। इस दौरे का मकसद शहर की बुनियादी सुविधाओं को सुधारना और लंबे समय के लिए विकास की यो
Bihar: भागलपुर को एक मॉडल शहर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। World Bank की एक उच्चस्तरीय टीम ने 21 से 23 अप्रैल 2026 तक शहर का दौरा किया। इस दौरे का मकसद शहर की बुनियादी सुविधाओं को सुधारना और लंबे समय के लिए विकास की योजना बनाना था। यह पूरी पहल बिहार के प्रमुख शहरों के लिए बनी 1600 करोड़ रुपये की बड़ी योजना का हिस्सा है।
World Bank की टीम ने किन जगहों का किया निरीक्षण और क्या दिए सुझाव?
इटली और जापान के विशेषज्ञों वाली इस टीम ने बरारी रिवर फ्रंट, भैरवा तालाब और चंपानगर जैसे इलाकों का जायजा लिया। टीम ने रिवर फ्रंट को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने और वहां कियोस्क व व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ाने की सलाह दी। साथ ही, शहर में ट्रैफिक जाम, जल निकासी (Drainage) और संकरी सड़कों के चौड़ीकरण पर भी चर्चा हुई। टीम ने सुझाव दिया कि पानी और स्वच्छता जैसी सुविधाओं के लिए यूजर चार्ज सिस्टम लागू किया जाए ताकि नगर निगम की कमाई बढ़ सके।
मेयर और अधिकारियों ने विकास के लिए क्या प्रस्ताव रखे?
भागलपुर की मेयर डॉ. बसुंधरा लाल ने शहर की पहचान बचाते हुए आधुनिकता लाने की बात कही। उन्होंने बिजली के तारों को भूमिगत करने, सभी वार्डों में मॉडल स्कूल और पांच जगहों पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने का प्रस्ताव रखा। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने गंगा किनारे मरीन ड्राइव, बाढ़ प्रबंधन और पर्यटन विकास की संभावनाओं पर जोर दिया। नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा ने पुष्टि की कि शहर के विकास के लिए 1600 करोड़ रुपये की योजना पर काम चल रहा है।
भैरवा तालाब और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की क्या है स्थिति?
टीम ने भैरवा तालाब सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट की समीक्षा की, जिसमें वाटर पार्क, ट्रैक ट्रेन, ग्लास ब्रिज और वाटर स्पोर्ट्स जैसी सुविधाएं बनाने की योजना है। हालांकि, टीम ने इस बात पर सवाल उठाया कि स्मार्ट सिटी योजना के तहत कुल 51 में से केवल 15 वार्डों का ही विकास क्यों हुआ, जिस पर अधिकारियों ने फंड की कमी बताई। World Bank ने संकेत दिया है कि अगर सही और व्यवस्थित प्रस्ताव भेजे जाते हैं, तो भागलपुर को और ज्यादा वित्तीय और तकनीकी मदद मिल सकती है।