Delhi: पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध की वजह से दिल्ली की सड़कों के निर्माण कार्य पर बुरा असर पड़ रहा है। Bitumen यानी डामर की कीमतों में बढ़ोतरी और इसकी कमी के कारण PWD के कई प्रोजेक्ट्स की रफ्तार धीमी हो गई है। इसमें सब
Delhi: पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध की वजह से दिल्ली की सड़कों के निर्माण कार्य पर बुरा असर पड़ रहा है। Bitumen यानी डामर की कीमतों में बढ़ोतरी और इसकी कमी के कारण PWD के कई प्रोजेक्ट्स की रफ्तार धीमी हो गई है। इसमें सबसे ज्यादा असर Barapullah Phase III एलिवेटेड कॉरिडोर के काम पर दिख रहा है, जिससे प्रोजेक्ट पूरा होने में देरी हो सकती है।
Barapullah III के काम पर क्या असर पड़ा है?
PWD अधिकारियों के मुताबिक, पिछले एक महीने से काम की रफ्तार काफी कम हो गई है। डामर की कमी के कारण करीब 15 दिनों तक तो सड़क बिछाने का काम पूरी तरह बंद रहा। हालांकि, 8 अप्रैल 2026 को 20 टन Bitumen मिला, जिसका इस्तेमाल 9 अप्रैल को किया गया, लेकिन अभी भी नियमित सप्लाई शुरू नहीं हो पाई है। फिलहाल हफ्ते में सिर्फ एक या दो बार ही सप्लाई मिल रही है।
काम पूरा होने में कितना समय और लगेगा?
PWD के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि युद्ध के कारण पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में जो उछाल आया है, उसका असर आने वाले कई महीनों तक बना रहेगा। उम्मीद है कि यह समस्या अगले तीन से चार महीनों में हल हो जाएगी। विभाग कोशिश कर रहा है कि उपलब्ध संसाधनों के साथ काम चलता रहे और प्रोजेक्ट को समय पर पूरा किया जा सके, लेकिन सप्लाई न होने से काम मनचाही गति से नहीं हो पा रहा है।
सप्लाई और कीमतों की मौजूदा स्थिति क्या है?
- Bitumen की कीमतों में बढ़ोतरी से बजट और काम दोनों प्रभावित हुए हैं।
- सप्लाई चेन टूटने से डामर की उपलब्धता कम हो गई है।
- काम तभी आगे बढ़ पाता है जब Bitumen का नया बैच पहुंचता है।
- PWD अधिकारियों का कहना है कि सप्लाई नियमित होने तक काम की धीमी रफ्तार जारी रह सकती है।