Maharashtra: मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई को जोड़ने वाले 31,793 करोड़ रुपये के रिंग रोड प्रोजेक्ट पर काम तेज हो गया है। इस प्रोजेक्ट के लिए विरार-अलीबाग कॉरिडोर में 5,043 मैंग्रोव पेड़ों को मार्क किया गया है। पर्यावरण को लेक
Maharashtra: मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई को जोड़ने वाले 31,793 करोड़ रुपये के रिंग रोड प्रोजेक्ट पर काम तेज हो गया है। इस प्रोजेक्ट के लिए विरार-अलीबाग कॉरिडोर में 5,043 मैंग्रोव पेड़ों को मार्क किया गया है। पर्यावरण को लेकर उठ रहे सवालों के बीच MSRDC ने साफ किया है कि इनमें से बहुत कम पेड़ स्थायी रूप से खत्म होंगे।
मैंग्रोव पेड़ों का क्या होगा और कितने बचेंगे?
MSRDC के मुताबिक, कुल 5,043 चिह्नित पेड़ों में से केवल 449 पेड़ ही स्थायी रूप से खत्म होंगे। निर्माण के दौरान अस्थायी रास्तों की वजह से प्रभावित होने वाले 730 पेड़ों को दोबारा लगाया जाएगा। इसके अलावा, लगभग 3,800 पेड़ ऐसे हैं जो वर्किंग और यूटिलिटी जोन में हैं, उनके बचने की पूरी उम्मीद है।
प्रोजेक्ट की मौजूदा स्थिति और आगे की प्लानिंग क्या है?
इस रिंग रोड प्रोजेक्ट के लिए पर्यावरण मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है और प्रस्ताव MoEFCC को भेजा गया है। MSRDC जून से इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर निकालने की तैयारी कर रहा है। फरवरी 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, जमीन अधिग्रहण का काम 90% पूरा हो चुका है और विरार से भिवंडी के बीच शुरुआती 25 किलोमीटर के हिस्से पर जमीनी काम शुरू हो गया है।
कोर्ट के आदेश और पर्यावरण नियम क्या कहते हैं?
बॉम्बे हाई कोर्ट ने 16 मई 2026 को रेवास-रेड्डी कोस्टल हाईवे के लिए 75 मैंग्रोव काटने और 0.4479 हेक्टेयर जमीन के इस्तेमाल की अनुमति दी थी, जिसमें कछुओं के घोंसले वाले इलाकों को बचाने का निर्देश दिया गया है। इसी तरह, सुप्रीम कोर्ट ने वर्सोवा-भायंदर कोस्टल रोड के लिए मैंग्रोव हटाने पर रोक लगाने से इनकार किया था, लेकिन शर्त रखी कि 10 साल तक बहाली की रिपोर्ट देनी होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विरार-अलीबाग कॉरिडोर प्रोजेक्ट की कुल लागत कितनी है?
इस मल्टीमोडल रिंग रोड प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत 31,793 करोड़ रुपये है, जो मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई को आपस में जोड़ेगा।
कितने मैंग्रोव पेड़ स्थायी रूप से काटे जाएंगे?
MSRDC के आधिकारिक बयान के अनुसार, कुल 5,043 चिह्नित पेड़ों में से केवल 449 पेड़ ही स्थायी रूप से खत्म होंगे, बाकी को बचाने या दोबारा लगाने की योजना है।