Bihar: भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर एक बार फिर संकट खड़ा हो गया है। पुल के पोल नंबर 121 और 122 के बीच एक्सपेंशन ज्वाइंट में गैप बढ़ गया है, जिससे सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। NH विभाग के निर्देश पर मंगलवार देर शाम इंजीनि
Bihar: भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर एक बार फिर संकट खड़ा हो गया है। पुल के पोल नंबर 121 और 122 के बीच एक्सपेंशन ज्वाइंट में गैप बढ़ गया है, जिससे सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। NH विभाग के निर्देश पर मंगलवार देर शाम इंजीनियरों की टीम ने इसकी जांच की, जिसके बाद स्थिति गंभीर नजर आ रही है।
पुल की क्या है ताज़ा स्थिति और क्या मिली रिपोर्ट
जांच के दौरान पाया गया कि पुल के पोल नंबर 121 और 122 के बीच का गैप मानक 40 एमएम की जगह बढ़कर 90 एमएम हो गया है। पुल निर्माण निगम के इंजीनियरों ने इसे एक अच्छा संकेत नहीं माना है। पटना मुख्यालय के चीफ इंजीनियर संजय भारती ने कहा कि यह गैपिंग असहज दिख रही है और रिपोर्ट के आधार पर सेतु को बंद करने जैसा बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
आम लोगों और यातायात पर क्या होगा असर
फिलहाल मंगलवार देर रात तक पुल पर वाहनों का परिचालन जारी था। एसडीओ सदर विकास कुमार ने बताया कि जांच की प्रक्रिया नियमित रूप से चल रही है और अभी तक परिचालन रोकने का कोई नया आदेश नहीं आया है। हालांकि, 3 मई 2026 को पोल नंबर 133 के पास स्लैब गिरने के बाद से ही लोग डरे हुए हैं, जिसके कारण 7 जून से हल्के वाहनों के लिए बेली ब्रिज का विकल्प शुरू किया गया था।
कब तक ठीक होगा विक्रमशिला सेतु
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने पुल के क्षतिग्रस्त हिस्सों को ठीक करने के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार किया है। पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र के मुताबिक, 30 नवंबर 2026 तक परिचालन पूरी तरह बहाल करने का लक्ष्य है। मरम्मत कार्य के लिए अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर 2026 के दौरान पुल को पूरी तरह बंद किया जा सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विक्रमशिला सेतु पर वर्तमान में क्या समस्या आई है
पुल के पोल नंबर 121 और 122 के बीच एक्सपेंशन ज्वाइंट का गैप 40 एमएम से बढ़कर 90 एमएम हो गया है, जिसकी जांच इंजीनियरों की टीम कर रही है।
पुल की मरम्मत का काम कब तक पूरा होगा
विभाग ने 30 नवंबर 2026 तक परिचालन बहाल करने का लक्ष्य रखा है और इसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार किया गया है।