Bihar: भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर खराबी के बाद अब बेली ब्रिज के जरिए यातायात फिर से शुरू हो गया है। प्रशासन ने युद्धस्तर पर काम करते हुए महज 35 दिनों में इस वैकल्पिक पुल को तैयार कर लिया। इससे गंगा पार करने वाले लाखों
Bihar: भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर खराबी के बाद अब बेली ब्रिज के जरिए यातायात फिर से शुरू हो गया है। प्रशासन ने युद्धस्तर पर काम करते हुए महज 35 दिनों में इस वैकल्पिक पुल को तैयार कर लिया। इससे गंगा पार करने वाले लाखों लोगों और यात्रियों को बड़ी राहत मिली है, जो पिछले एक महीने से परेशानी झेल रहे थे।
विक्रमशिला सेतु पर क्या हुआ और कैसे हुई बहाली
3 मई 2026 को पुल के 133 नंबर पिलर के पास स्लैब का एक हिस्सा गंगा नदी में गिर गया था, जिससे आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। इसके बाद 5 मई को फेरी सेवा शुरू की गई। सीमा सड़क संगठन (BRO) ने 10 मई को कमान संभाली और 13 मई से बेली ब्रिज का काम शुरू हुआ। 2 जून को चौथे और अंतिम बेली ब्रिज का काम पूरा हुआ और तकनीकी ट्रायल के बाद 7 जून को इसे आम जनता के लिए खोल दिया गया।
बेली ब्रिज पर चलने वाले वाहनों के लिए जरूरी नियम
प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए यातायात के लिए कुछ कड़े नियम बनाए हैं। फिलहाल पुल पर वन-वे ट्रैफिक चलेगा और केवल हल्के वाहनों को ही अनुमति दी गई है।
- बाइक, ऑटो, एंबुलेंस और हल्के चारपहिया वाहनों का आना-जाना चालू है।
- अधिकतम 10 टन भार क्षमता वाले वाहनों को ही गुजरने दिया जाएगा।
- बसों और ट्रकों जैसे भारी वाहनों के आवागमन पर पूरी तरह रोक रहेगी।
- निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे और रात के लिए वेपर लाइट्स लगाई गई हैं।
स्थायी मरम्मत और भविष्य की योजना
बेली ब्रिज एक अस्थाई व्यवस्था है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम को स्थायी मरम्मत की जिम्मेदारी दी गई है। नया स्लैब लगाने में करीब दो महीने का समय लगेगा। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 30 नवंबर तक पुल की स्थायी मरम्मत पूरी करने का लक्ष्य रखा है। इस पूरी मरम्मत प्रक्रिया की अनुमानित लागत अब 75 से 80 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विक्रमशिला सेतु पर कौन से वाहन चल सकते हैं
फिलहाल बेली ब्रिज पर केवल बाइक, ऑटो, एंबुलेंस और 10 टन से कम क्षमता वाले हल्के चारपहिया वाहनों को वन-वे यातायात की अनुमति है।
पुल की स्थायी मरम्मत कब तक पूरी होगी
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अनुसार, विक्रमशिला सेतु की स्थायी मरम्मत का काम 30 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।