Delhi: उपराष्ट्रपति CP Radhakrishnan ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को समाज की भलाई के लिए अपनाना चाहिए। उन्होंने बुधवार, 15 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में Indian Institute of Public Administration (IIPA) के 72वे
Delhi: उपराष्ट्रपति CP Radhakrishnan ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को समाज की भलाई के लिए अपनाना चाहिए। उन्होंने बुधवार, 15 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में Indian Institute of Public Administration (IIPA) के 72वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर हिस्सा लिया। इस मौके पर उन्होंने ‘AI for Good Governance’ विषय पर अपना व्याख्यान दिया और बताया कि कैसे तकनीक सरकारी कामकाज को बदल सकती है।
AI से आम लोगों को क्या फायदा होगा?
उपराष्ट्रपति ने बताया कि AI सरकार के लिए एक ‘नए सुपरपावर’ की तरह है। इससे सरकार नागरिकों की जरूरतों को बेहतर तरीके से समझ पाएगी और उन्हें तेजी से सेवाएं दे सकेगी। उन्होंने कहा कि AI के जरिए सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे सही व्यक्ति तक पहुंचेगा, जिससे बीच में होने वाली गड़बड़ियों और लीकेज में कमी आएगी। यह तकनीक ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सपने को पूरा करने में मदद करेगी।
विकसित भारत 2047 और AI की भूमिका
CP Radhakrishnan ने जोर दिया कि 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र (Viksit Bharat) बनाने के लिए AI बहुत जरूरी है। इससे सरकारी कामकाज ज्यादा पारदर्शी और स्मार्ट होगा। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि AI को स्कूल और कॉलेज के सिलेबस का हिस्सा बनाया जाना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ी इसे समझ सके। उनके अनुसार, AI नीति बनाने वालों और आम जनता के बीच एक पुल का काम करेगा, जिससे लोगों का सरकारी संस्थाओं पर भरोसा बढ़ेगा।
भारत में AI के लिए क्या तैयारी है?
भारत सरकार ने AI को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कुछ खास नियम और ढांचे तैयार किए हैं। इसके मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
| मुख्य पहल |
विवरण |
| AI गवर्नेंस गाइडलाइन्स |
सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए फ्रेमवर्क |
| India AI मिशन |
38,000 से ज्यादा GPUs की सुविधा उपलब्ध कराई गई |
| AIKosh |
9,500 से ज्यादा डेटासेट और 273 सेक्टर मॉडल उपलब्ध |
| नये संस्थान |
AI Governance Group (AIGG) और India AI Safety Institute का गठन |