Bihar: उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाला वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे (NH-319B) अब तेजी से पूरा होगा। बिहार के रोहतास जिले में अटके हुए काम को मंजूरी मिल गई है, जिससे अब सड़क निर्माण की रफ्तार बढ़
Bihar: उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाला वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे (NH-319B) अब तेजी से पूरा होगा। बिहार के रोहतास जिले में अटके हुए काम को मंजूरी मिल गई है, जिससे अब सड़क निर्माण की रफ्तार बढ़ेगी। इस ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के पूरा होने से पूर्वी भारत के इन चारों राज्यों के बीच सफर काफी आसान हो जाएगा।
रोहतास में क्या बदलाव हुए और कैसे मिलेगी मंजूरी
रोहतास जिले में पैकेज चार और पांच के काम में दिक्कत आ रही थी, जिसे अब एक पैकेज में बदल दिया गया है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय की पीपीपीएसी समिति ने इसे HAM (हाइब्रिड एन्यूटी मोड) में बनाने की वित्तीय मंजूरी दे दी है। वन विभाग से ब्लास्टिंग की अनुमति नहीं मिलने और टनल (सुरंग) बनाने में बहुत ज्यादा खर्च आने की वजह से अब सुरंग का प्लान रद्द कर दिया गया है। अब सड़क सासाराम शहर के पास वन क्षेत्र के बाहर से गुजरेगी, जिससे सड़क की लंबाई करीब 15 किलोमीटर बढ़ गई है।
प्रोजेक्ट की खास बातें और यात्रा में कितना होगा फायदा
यह एक्सप्रेसवे करीब 610 किलोमीटर लंबा होगा और इसे बनाने में लगभग 35,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस सड़क के बनने से वाराणसी और कोलकाता के बीच की दूरी तय करने में लगने वाला समय 12-14 घंटे से घटकर सिर्फ 6-7 घंटे रह जाएगा।
| विवरण |
जानकारी |
| कुल लंबाई |
610 किलोमीटर |
| कुल लागत |
लगभग ₹35,000 करोड़ |
| जुड़ने वाले राज्य |
UP, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल |
| बिहार में लंबाई |
159 किलोमीटर |
| पूर्ण होने का समय |
मार्च 2028 तक की उम्मीद |
| नोडल एजेंसी |
NHAI (भारतमाला परियोजना) |
बिहार और यूपी में काम की मौजूदा स्थिति क्या है
बिहार के कैमूर और रोहतास जिलों में निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। सोन नदी पर 3.5 किलोमीटर लंबा एक बड़ा पुल और 6 छोटे पुल बनाए जाएंगे, जिस पर करीब 2897 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं, वाराणसी में 27 किलोमीटर के खंड पर मिट्टी भराई और सर्विस रोड का काम चल रहा है। वाराणसी में मोहनसराय से लहरतारा तक पुराने GT रोड का 6-लेन चौड़ीकरण लगभग 97% पूरा हो गया है, जिसे मई 2026 तक जनता के लिए खोल दिया जाएगा।