USA और Iraq के बीच 60 अरब डॉलर का बड़ा समझौता, तेल पाइपलाइन और Starlink इंटरनेट से बदलेगी तस्वीर
World: अमेरिका और इराक ने मिलकर 48 समझौतों पर मुहर लगाई है, जिनकी कुल कीमत करीब 60 अरब डॉलर है। ये डील 17 जुलाई 2026 को वॉशिंगटन डीसी में हुई, जब इराक के प्रधानमंत्री अली अल-ज़ैदी अमेरिका के दौरे पर थे। इस समझौते का मकसद
World: अमेरिका और इराक ने मिलकर 48 समझौतों पर मुहर लगाई है, जिनकी कुल कीमत करीब 60 अरब डॉलर है। ये डील 17 जुलाई 2026 को वॉशिंगटन डीसी में हुई, जब इराक के प्रधानमंत्री अली अल-ज़ैदी अमेरिका के दौरे पर थे। इस समझौते का मकसद दोनों देशों के रिश्तों को सिर्फ सुरक्षा तक सीमित न रखकर निवेश और व्यापार की तरफ ले जाना है।
इस पूरे पैकेज में तेल, बिजली और बुनियादी ढांचे पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया है। एक बड़ा फैसला इराक और सीरिया के बीच कच्चे तेल की पाइपलाइन को फिर से शुरू करने का लिया गया है। इस पाइपलाइन को बनाने की जिम्मेदारी अमेरिकी कंपनी Chevron को मिली है। यह पाइपलाइन हर दिन 20 लाख बैरल तेल ले जा सकेगी, जिससे इराक को अपना तेल बेचने के लिए नए रास्ते मिलेंगे और उसे सिर्फ होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
बिजनेस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी बड़ी खबर है। इराक के कम्युनिकेशन और मीडिया कमीशन ने Starlink को लाइसेंस दे दिया है। अब SpaceX की इस सर्विस से इराक के दूर-दराज के इलाकों में भी हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंच सकेगा, जिससे वहां के डिजिटल सिस्टम में सुधार होगा।
इन समझौतों में शामिल कुछ खास बातें नीचे दी गई हैं:
| क्षेत्र | मुख्य जानकारी |
|---|---|
| कुल निवेश | लगभग 60 अरब डॉलर |
| कुल समझौते | 48 एग्रीमेंट्स |
| मुख्य कंपनी | Chevron (पाइपलाइन प्रोजेक्ट) |
| इंटरनेट सर्विस | Starlink (SpaceX) |
| पाइपलाइन क्षमता | 20 लाख बैरल प्रतिदिन |
| अन्य क्षेत्र | शिक्षा, खेती, दवा निर्माण और टेलीकॉम |
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इराकी प्रधानमंत्री अली अल-ज़ैदी की तारीफ की और कहा कि अमेरिकी कंपनियां अब इराक के तेल संसाधनों में ज्यादा निवेश करेंगी। वहीं, अमेरिका के विशेष दूत टॉम बैराक ने कहा कि इस आर्थिक विजन से आने वाले दो सालों में तेल के पुराने रास्तों की अहमियत कम हो जाएगी। इस डील में Chevron के अलावा ExxonMobil, Shell और PepsiCo जैसी बड़ी कंपनियों की भी भूमिका रहेगी।