Delhi: अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio शनिवार को दिल्ली पहुंचे। उन्होंने यहां नए US Embassy Support Annex बिल्डिंग का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने दिल्ली की भीषण गर्मी पर अपनी हैरानी जताई और कहा कि वह मियामी से है
Delhi: अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio शनिवार को दिल्ली पहुंचे। उन्होंने यहां नए US Embassy Support Annex बिल्डिंग का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने दिल्ली की भीषण गर्मी पर अपनी हैरानी जताई और कहा कि वह मियामी से हैं जहां उमस वाली गर्मी होती है, लेकिन दिल्ली की गर्मी अलग तरह की है।
Marco Rubio ने दिल्ली की गर्मी और नए ऑफिस के बारे में क्या कहा?
Marco Rubio ने उद्घाटन के दौरान कहा कि वह अपना भाषण छोटा रखेंगे क्योंकि बाहर बहुत गर्मी है। उन्होंने बताया कि नया सपोर्ट एनेक्स ऑफिस वीजा प्रोसेसिंग और नागरिक सेवाओं में तेजी लाएगा। इससे काम ज्यादा सटीक होगा और अमेरिकी टैक्सपेयर्स के पैसों की बचत होगी। उन्होंने कहा कि यह बिल्डिंग भारत के प्रति अमेरिका की लंबी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
‘America First’ वीजा सिस्टम और निवेश पर क्या रही चर्चा?
विदेश मंत्री ने एक नए ‘America First’ वीजा शेड्यूल की घोषणा की। यह सिस्टम उन बिजनेस प्रोफेशनल्स को प्राथमिकता देगा जो भारत और अमेरिका के रिश्तों को मजबूत करते हैं। उन्होंने साफ किया कि यह बदलाव केवल भारत के लिए नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर इमिग्रेशन सिस्टम सुधारने की कोशिश है। साथ ही उन्होंने जिक्र किया कि भारतीय कंपनियों ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 20 बिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है।
भारत दौरे का पूरा शेड्यूल और मुख्य मुलाकातें
Marco Rubio 23 मई 2026 को कोलकाता जाने के बाद दिल्ली पहुंचे हैं। उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बातचीत की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से व्हाइट हाउस आने का न्योता दिया। वह 26 मई को दिल्ली में होने वाली Quad मीटिंग में भी हिस्सा लेंगे। इस दौरे में डिफेंस, ट्रेड, टेक्नोलॉजी और इंडो-पैसिफिक रणनीति जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हो रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नया ‘America First’ वीजा सिस्टम क्या है?
यह एक नया वीजा शेड्यूल है जो उन बिजनेस प्रोफेशनल्स को प्राथमिकता देगा जो भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, निवेश और टेक्नोलॉजी साझेदारी को मजबूत करते हैं।
Marco Rubio ने भारत दौरे पर किन मुद्दों पर बात की?
उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, रक्षा सहयोग, टेक्नोलॉजी और इंडो-पैसिफिक रणनीति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।