US Navy ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी की सख्त, 24 जहाजों को बदला रास्ता, 2 हुए बेकार

World: अमेरिका की नेवी ने ईरान के बंदरगाहों की तरफ जाने वाले जहाजों पर अपनी पाबंदियां और कड़ी कर दी हैं। US Central Command (CENTCOM) के मुताबिक, उनके सैनिकों ने अब तक 24 कमर्शियल जहाजों को अपना रास्ता बदलने पर मजबूर किय

World: अमेरिका की नेवी ने ईरान के बंदरगाहों की तरफ जाने वाले जहाजों पर अपनी पाबंदियां और कड़ी कर दी हैं। US Central Command (CENTCOM) के मुताबिक, उनके सैनिकों ने अब तक 24 कमर्शियल जहाजों को अपना रास्ता बदलने पर मजबूर किया है। इसके अलावा, नियमों को न मानने वाले दो जहाजों को बेकार (disable) कर दिया गया और दो अन्य जहाजों की तलाशी ली गई।

यह पूरी कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास हो रही है। अमेरिका ने जुलाई के बीच में इस समुद्री घेराबंदी को फिर से लागू किया था, जिसे एक ‘स्टील वॉल’ या लोहे की दीवार कहा जा रहा है। इस नियम के तहत किसी भी देश का जहाज ईरान के बंदरगाहों में नहीं जा सकता और न ही वहां से बाहर निकल सकता है। हालांकि, जो जहाज ईरान के अलावा दूसरे देशों की तरफ जा रहे हैं, उनके लिए यह रास्ता खुला रखा गया है।

इस ऑपरेशन में करीब 10,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। निगरानी के लिए P-8 Poseidon विमान, डिस्ट्रॉयर, ड्रोन और सैटेलाइट का इस्तेमाल किया जा रहा है। अगर कोई जहाज चेतावनी के बाद भी नहीं मानता, तो उसे रोकने के लिए समुद्री जहाजों या हवाई हमलों का सहारा लिया जा रहा है। उदाहरण के तौर पर, मोजाम्बिक के झंडे वाले टैंकर M/T Lavine को बेकार कर दिया गया और कोमोरोस के टैंकर M/T Charminar की जांच की गई।

दूसरी तरफ, ईरान की सरकारी मीडिया और रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया था कि इस रास्ते पर चलना खतरनाक है और अमेरिका के F-35 फाइटर जेट नष्ट हो गए हैं। CENTCOM ने इन दावों को पूरी तरह गलत बताया है। अमेरिका का कहना है कि उनके किसी भी विमान को नुकसान नहीं पहुंचा है और असली खतरा IRGC की तरफ से आने वाली धमकियों और हमलों से है। इस तनाव का असर दुनिया भर के शिपिंग और एनर्जी मार्केट पर पड़ रहा है, जिससे तेल और माल ढुलाई की कीमतों पर असर पड़ सकता है।