US ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी की, 38 कमर्शियल जहाजों को रास्ता बदलना पड़ा

World : अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर आने और जाने वाले समुद्री रास्तों की घेराबंदी कर दी है। इस सख्ती की वजह से अब तक 38 कमर्शियल जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा है। अरब सागर में USS Abraham Lincoln स्ट्राइक ग्रुप तैन

World : अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर आने और जाने वाले समुद्री रास्तों की घेराबंदी कर दी है। इस सख्ती की वजह से अब तक 38 कमर्शियल जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा है। अरब सागर में USS Abraham Lincoln स्ट्राइक ग्रुप तैनात है, जिसमें F-35C स्टील्थ फाइटर विमान भी शामिल हैं जो इस मिशन की निगरानी कर रहे हैं।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर यह नाकाबंदी 14 जुलाई 2026 से दोबारा शुरू हुई है। इससे पहले अप्रैल से जून 2026 के बीच भी ऐसी ही कार्रवाई की गई थी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, अब तक 35 जहाजों को मोड़ा गया, 2 को निष्क्रिय किया गया और 2 जहाजों की तलाशी ली गई। अमेरिका ने साफ किया है कि जो जहाज ईरान को पोर्ट फीस देते हैं या ईरानी जहाजों का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें अमेरिकी निगरानी वाले रास्तों से गुजरने की अनुमति नहीं होगी।

अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि उनकी सेना बड़े स्तर के हमलों के लिए तैयार है। वहीं ईरान के एक्टिंग डिफेंस मिनिस्टर ब्रिगेडियर जनरल सय्यद माजिद इब्न अल-रेजा ने चेतावनी दी है कि तेहरान किसी भी खतरे को गंभीरता से लेगा। तनाव के बीच ओमान के तट पर एक टैंकर के पास विस्फोट की खबर भी आई है।

इस पूरे विवाद में पैसों का लेन-देन भी जुड़ा है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने दो ईरानी कंपनियों, पर्सियन गल्फ मरीन इंश्योरेंस कंपनी और होर्मुजसेफ मरीन सर्विसेज अथॉरिटी पर प्रतिबंध लगाए हैं। आरोप है कि ये कंपनियां जहाजों से जबरन इंश्योरेंस के पैसे वसूल रही थीं।

ताजा अपडेट यह है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर होने वाले हमले को फिलहाल टाल दिया है। उन्होंने कहा है कि ईरान के साथ बातचीत दोबारा शुरू होगी ताकि जल्द से जल्द कोई समझौता हो सके। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने भी जून के समझौते के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई है।