US Military का प्रशांत महासागर में बड़ा हमला, ड्रग्स तस्करी नाव पर स्ट्राइक में कई लोग मारे गए
World : अमेरिकी सेना ने पूर्वी प्रशांत महासागर में नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल एक संदिग्ध नाव पर हमला किया है। इस कार्रवाई में दो लोगों की मौत हो गई और छह लोग बच गए। यह ऑपरेशन ‘Southern Spear’ कैंपेन क
World : अमेरिकी सेना ने पूर्वी प्रशांत महासागर में नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल एक संदिग्ध नाव पर हमला किया है। इस कार्रवाई में दो लोगों की मौत हो गई और छह लोग बच गए। यह ऑपरेशन ‘Southern Spear’ कैंपेन का हिस्सा है, जिसका मकसद लैटिन अमेरिका के जरिए होने वाली ड्रग्स तस्करी के रास्तों को रोकना है।
अमेरिकी सैन्य कमान (SOUTHCOM) के मुताबिक, ये नावें तस्करी के जाने-माने रास्तों का इस्तेमाल कर रही थीं। अमेरिका के डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने इस अभियान को ड्रग्स की सप्लाई रोकने के लिए जरूरी कदम बताया है। सेना ने मारे गए लोगों को ‘नार्को-टेररिस्ट’ करार दिया है, जो अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों के लिए काम कर रहे थे।
इस ऑपरेशन को लेकर अब दुनिया भर में बहस छिड़ गई है। मानवाधिकार संगठनों और कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि बिना ठोस सबूत के ऐसे हमले करना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने भी वॉशिंगटन से इन हमलों की जांच करने को कहा है। उनका मानना है कि ये हमले ‘एक्स्ट्रा-जुडिशियल किलिंग’ यानी कानूनी प्रक्रिया के बिना की गई हत्याएं हो सकती हैं।
इस अभियान के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति काफी गंभीर है। सितंबर 2025 से शुरू हुए इस अभियान में अब तक कई हमले हो चुके हैं।
| तारीख/विवरण | नुकसान/मौतें |
|---|---|
| 19 जून 2026 | 3 लोग मारे गए |
| 4 जून 2026 | 2 लोग मारे गए |
| 31 मई 2026 | 6 लोग मारे गए (दो अलग हमले) |
| कुल आंकड़े (18 जून तक) | 64 नावों पर 63 हमले, 213 मौतें |
पेंटागन की निगरानी एजेंसी ने मई 2026 में यह जांच करने की योजना बनाई कि क्या इन हमलों के दौरान सेना ने तय नियमों का पालन किया था। वहीं कुछ अमेरिकी सांसदों ने इन हमलों के अनएडिटेड वीडियो की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके।