US और Iran के बीच तनाव कम होने की उम्मीद, Qatar में होगी अहम बैठक, Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही होगी आसान
World: अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे पर हमले रोकने का फैसला किया है। अब दोनों देश मंगलवार, 30 जून 2026 को कतर की राजधानी दोहा में बैठक करेंगे। इस मीटिंग का मुख्य मकसद Strait of Hormuz में बढ़े तनाव को कम करना है ताकि समुद्
World: अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे पर हमले रोकने का फैसला किया है। अब दोनों देश मंगलवार, 30 जून 2026 को कतर की राजधानी दोहा में बैठक करेंगे। इस मीटिंग का मुख्य मकसद Strait of Hormuz में बढ़े तनाव को कम करना है ताकि समुद्री रास्ते से जहाजों का आना-जाना सुरक्षित हो सके।
हाल ही में दोनों देशों के बीच काफी टकराव हुआ था। 25 जून को एक सिंगापुर के कार्गो जहाज पर ईरानी मिसाइल से हमला हुआ था, जिसके बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई की। ईरान ने भी इसके बाद कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे। इन घटनाओं की वजह से समुद्री सुरक्षा का खतरा बढ़ गया था और Joint Maritime Information Center ने खतरे का स्तर ‘substantial’ कर दिया था।
अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल दोनों पक्ष पीछे हट रहे हैं ताकि जहाज बिना किसी डर के इस रास्ते से गुजर सकें। पहले यह बैठक स्विट्जरलैंड में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर होनी थी, लेकिन अब इसे कतर में शिफ्ट कर दिया गया है और फोकस समुद्री सुरक्षा पर रखा गया है। हालांकि, दोनों देशों के बीच पहले से तय एक समझौते (MOU) पर तकनीकी बातचीत भी फिर से शुरू होगी।
इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ किया है कि Strait of Hormuz पर पूरा कंट्रोल ईरान का रहेगा। उन्होंने ओमान द्वारा बताए गए नए समुद्री रास्ते को गैरकानूनी और खतरनाक बताया है। वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने युद्धविराम का पालन नहीं किया, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
दोनों देशों के बीच बातचीत के लिए एक हॉटलाइन भी तय की गई थी, लेकिन शनिवार, 27 जून तक वह चालू नहीं हो पाई थी। अब दुनिया की नजरें मंगलवार को होने वाली दोहा बैठक पर टिकी हैं कि क्या इससे वैश्विक व्यापार और समुद्री रास्तों पर शांति लौटेगी।