US और Iran के बीच फिर छिड़ी जंग, अमेरिकी ड्रोन हमले में IRGC का जवान मारा गया

World: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। बुधवार, 8 जुलाई 2026 को ईरान के बंदर महशहर शहर में अमेरिकी ड्रोन के हमले में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नेवी का एक जवान मारा गया।

World: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। बुधवार, 8 जुलाई 2026 को ईरान के बंदर महशहर शहर में अमेरिकी ड्रोन के हमले में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नेवी का एक जवान मारा गया। इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति बन गई है।

मारा गया जवान मोहम्मद रजा खज़िनी था, जो बन्दर महशहर में इमाम हुसैन बसीज कॉर्प्स के थर्ड नेवल ज़ोन में तैनात था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुश्मन ड्रोन का सामना करते समय वह छर्रों की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। ईरान की तस्नीम न्यूज़ एजेंसी और सरकारी प्रसारक IRIB ने इस खबर की पुष्टि की है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने दक्षिणी तट पर निगरानी केंद्रों को निशाना बनाया, जो अंतरराष्ट्रीय कानून और तीन हफ्ते पहले हुए इस्लामाबाद समझौते का उल्लंघन है।

दूसरी तरफ, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने स्वीकार किया कि उन्होंने ईरान के खिलाफ सैन्य हमले किए हैं। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर ईरानी हमलों के जवाब में की गई। अमेरिकी सेना ने ईरान के हवाई रक्षा सिस्टम, बंदरगाह सुविधाओं और मिसाइल लॉन्च साइटों समेत 80 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया कि ईरान के साथ ceasefire यानी युद्धविराम अब खत्म हो चुका है।

इस हमले के जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उन्होंने बहरीन और कुवैत में स्थित 85 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर भी ड्रोन हमले की खबर है। वहीं, नाटो प्रमुख मार्क रूट ने अमेरिका की इस कार्रवाई को बिल्कुल जरूरी बताया। तनाव इतना बढ़ गया है कि बंदर अब्बास और बुशहर जैसे अन्य ईरानी बंदरगाह शहरों में भी धमाकों की खबरें आई हैं।