Hormuz Strait में तनाव बढ़ा, ईरान के जहाजों पर हमले के बाद US ने की एयरस्ट्राइक
World : दुनिया के तेल और गैस सप्लाई के लिए सबसे जरूरी रास्ता माने जाने वाले Hormuz Strait में तनाव बहुत बढ़ गया है। ईरान की तरफ से कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में अमेरिका ने एयरस्ट्राइक की है। इस टकराव की वजह से
World : दुनिया के तेल और गैस सप्लाई के लिए सबसे जरूरी रास्ता माने जाने वाले Hormuz Strait में तनाव बहुत बढ़ गया है। ईरान की तरफ से कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में अमेरिका ने एयरस्ट्राइक की है। इस टकराव की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों और शिपिंग पर असर पड़ सकता है, जिसका सीधा असर आने वाले समय में आम आदमी की जेब और ईंधन के दामों पर दिख सकता है।
जानकारी के मुताबिक, 6 और 7 जुलाई 2026 को ईरान ने Hormuz Strait में तीन कमर्शियल जहाजों पर हमले किए। सोमवार रात को दो मिसाइलें दागी गईं और मंगलवार सुबह IRGC ने एक और जहाज को निशाना बनाया। इन हमलों में ओमान के तट के पास एक टैंकर में आग लग गई और एक अन्य जहाज पर ड्रोन से हमला हुआ। इसके जवाब में U.S. Central Command (CENTCOM) ने मंगलवार को ईरान के खिलाफ जवाबी एयरस्ट्राइक की। अमेरिका ने इसे ईरान की खतरनाक हरकत का एक कड़ा जवाब बताया है।
इन हमलों में कतर का LNG टैंकर Al Rekayyat और सऊदी अरब का जहाज Wedyan भी शामिल थे। कतर के विदेश मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का बड़ा उल्लंघन बताया है और पूरी जिम्मेदारी ईरान पर डाली है। वहीं सऊदी अरब ने कहा कि यह ग्लोबल एनर्जी सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय नेविगेशन की सुरक्षा पर हमला है।
ईरान ने सीधे तौर पर जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन वहां के सरकारी टीवी ने कहा कि जिस टैंकर में आग लगी वह चेतावनी को नजरअंदाज कर रहा था। दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच जून में एक समझौता (MOU) हुआ था, जिसके तहत Hormuz Strait को 60 दिनों के लिए टोल-फ्री खोला जाना था। लेकिन अब इन हमलों के बाद उस समझौते का उल्लंघन माना जा रहा है। फिलहाल ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद चल रहे शोक के कारण दोनों देशों के बीच बातचीत रुकी हुई है।