Iran में US के हवाई हमले, परमाणु प्लांट वाले शहर Bushehr और Tabriz में तबाही; जवाबी कार्रवाई में Kuwait और Jordan पर मिसाइल दागे

World: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब युद्ध के रूप में सामने आ रहा है। 20 जुलाई 2026 को US ने ईरान के Bushehr और Tabriz जैसे इलाकों में जोरदार हवाई हमले किए। Bushehr वह शहर है जहाँ ईरान का इकलौता सिविलियन परमाणु ऊर्जा प्

World: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब युद्ध के रूप में सामने आ रहा है। 20 जुलाई 2026 को US ने ईरान के Bushehr और Tabriz जैसे इलाकों में जोरदार हवाई हमले किए। Bushehr वह शहर है जहाँ ईरान का इकलौता सिविलियन परमाणु ऊर्जा प्लांट स्थित है। इस हमले के बाद पूरे मध्य पूर्व (Middle East) में दहशत का माहौल है।

Bushehr के गवर्नर मोहम्मद मोजफ्फररी ने बताया कि अमेरिकी सेना ने शहर में कई जगहों पर मिसाइलें दागीं। सुरक्षा मामलों के डिप्टी गवर्नर एहसान जहानियन के मुताबिक, खोरमुज के दो सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिससे इलाके की बिजली कुछ समय के लिए गुल हो गई थी। वहीं, उत्तर-पश्चिमी ईरान के Tabriz इलाके में हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए।

US मिलिट्री के Central Command (CENTCOM) ने साफ किया कि यह लगातार नौवीं रात थी जब उन्होंने ईरान पर हमले किए। अमेरिका का कहना है कि उन्होंने ईरान के कमांड सेंटर, एयर डिफेंस, मिसाइल लॉन्च साइट और संचार नेटवर्क को तबाह किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ये हमले मारे गए अमेरिकी सैनिकों के सम्मान में किए गए और उन्होंने ईरान को कड़ी चोट पहुंचाई है।

दूसरी तरफ, ईरान की Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने भी चुप बैठने के बजाय पलटवार किया। ईरान ने दावा किया कि उसने कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और जॉर्डन के अकाबा एयरपोर्ट पर मौजूद अमेरिकी विमानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इसके अलावा सीरिया के अल-तनफ इलाके में भी हमले किए गए। इस तनाव के बीच बहरीन में एयर रेड सायरन भी बजाए गए।

समुद्र में भी हालात खराब हैं। IRGC का दावा है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में दो तेल टैंकर धमाकों के बाद बेकार हो गए। ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने ही इन जहाजों को असुरक्षित रास्ते से जाने के लिए उकसाया था। ओमान के तट पर भी एक जहाज में आग लगने की खबर आई है।

जानी नुकसान की बात करें तो ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पिछले तीन हफ्तों में अमेरिकी हमलों में 50 लोग मारे गए और 500 से ज्यादा घायल हुए। वहीं, अमेरिका ने भी स्वीकार किया कि उत्तरी इराक में एक और सैनिक की मौत हो गई, जिससे इस युद्ध में अब तक कुल 17 अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने चेतावनी दी है कि अगर हमले नहीं रुके तो अमेरिका को कभी न भूलने वाले सबक सिखाए जाएंगे।