UP के लखनऊ और वाराणसी समेत कई जिलों में बारिश के आसार, IMD ने जताया उमस से राहत का अनुमान
UP: उत्तर प्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ी है, लेकिन लखनऊ और वाराणसी समेत कई जिलों में हल्की बारिश की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बौछारें गिर सकती ह
UP: उत्तर प्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ी है, लेकिन लखनऊ और वाराणसी समेत कई जिलों में हल्की बारिश की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बौछारें गिर सकती हैं, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
31 जुलाई 2026 को प्रदेश के सभी 80 जिले ग्रीन जोन में रहे और किसी भी जिले के लिए भारी बारिश का येलो, ऑरेंज या रेड अलर्ट जारी नहीं किया गया था। पूर्वी मध्य प्रदेश में बने कम दबाव के क्षेत्र के खिसकने से यूपी में बारिश की गतिविधियों में कमी आई है, जिस वजह से केवल 26 जिलों में ही बारिश के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ में सुबह से बादल छाए रहे और दोपहर बाद कुछ इलाकों में हल्की बारिश का अनुमान था, जिससे तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है। वहीं वाराणसी में 30 जुलाई से रुक-रुक कर हो रही बारिश 31 जुलाई को भी जारी रहने की संभावना जताई गई।
मौसम विभाग ने अलग-अलग जिलों के लिए बारिश का अनुमान इस प्रकार बताया है:
| क्षेत्र/जिले | बारिश का अनुमान |
|---|---|
| मिर्जापुर, सोनभद्र और ललितपुर | कई स्थानों पर अच्छी बारिश की उम्मीद |
| प्रयागराज, वाराणसी, चंदौली, संत रविदास नगर, चित्रकूट, बांदा, महोबा और झांसी | गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा |
| आगरा, मथुरा, हाथरस, एटा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, जालौन, हमीरपुर, फतेहपुर, कौशांबी, प्रतापगढ़, जौनपुर और गाजीपुर | एक-दो स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी और 20-30 किमी की रफ्तार से हवाएं |
आने वाले दिनों की बात करें तो 1 अगस्त तक मौसम ऐसा ही रहेगा, लेकिन 2 अगस्त से बारिश फिर बढ़नी शुरू होगी। 3 अगस्त से पश्चिमी यूपी और पूर्वांचल के ज्यादातर इलाकों में मानसून दोबारा सक्रिय हो जाएगा और 5 अगस्त तक अच्छी बारिश होने का अनुमान है।
IMD ने लोगों को तेज धूप और उमस में पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है। साथ ही किसानों और आम जनता को जलभराव, फिसलन और बिजली कड़कने के समय सतर्क रहने को कहा गया है। इस मानसून में अब तक यूपी में सामान्य से 25% कम बारिश हुई है, जबकि पूर्वी यूपी के कुछ जिलों जैसे भदोही, देवरिया और जौनपुर में यह कमी 50% से भी ज्यादा रही है। मानसून के दोबारा सक्रिय होने से धान और अन्य खरीफ फसलों को फायदा मिल सकता है।