UP में सामान्य से 25 प्रतिशत कम हुई बारिश, IMD ने बताया अगस्त में मानसून के फिर से सक्रिय होने का समय
UP: उत्तर प्रदेश में इस बार मानसून की सुस्ती ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। राज्य में अब तक सामान्य से 25 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिसका सीधा असर खेती-किसानी पर पड़ रहा है। हालांकि, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD
UP: उत्तर प्रदेश में इस बार मानसून की सुस्ती ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। राज्य में अब तक सामान्य से 25 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिसका सीधा असर खेती-किसानी पर पड़ रहा है। हालांकि, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राहत की खबर देते हुए कहा है कि अगस्त की शुरुआत से मानसून फिर से रफ्तार पकड़ेगा और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होगी।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 30 जुलाई 2026 तक बारिश में काफी कमी देखी गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में यह कमी करीब 32 प्रतिशत है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 12 से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई है। भदोही, देवरिया, जौनपुर, कानपुर देहात, कौशांबी, कुशीनगर, रायबरेली, संत कबीर नगर और सीतापुर जैसे जिलों की हालत ज्यादा खराब है, जहां 50 प्रतिशत से ज्यादा बारिश कम हुई है।
IMD ने इस कमी की वजह मध्य छत्तीसगढ़ और उत्तरी आंतरिक ओडिशा के ऊपर बने गहरे दबाव को बताया है। इसकी वजह से मानसून ट्रफ अस्थायी रूप से उत्तर भारत से दूर चला गया था। अब लखनऊ क्षेत्रीय मौसम केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, मानसून ट्रफ के फिर से उत्तर की ओर बढ़ने के संकेत हैं, जिससे अगस्त के पहले हफ्ते में बारिश बढ़ेगी।
| तारीख/अवधि | संभावित मौसम और प्रभाव |
|---|---|
| 31 जुलाई से 3 अगस्त | लखनऊ समेत 50 से ज्यादा जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना |
| 3 अगस्त से | पश्चिमी UP और पूर्वांचल में गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश की उम्मीद |
| 4 अगस्त से 9 अगस्त | पूरे प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय होने की संभावना |
| 1 अगस्त | पश्चिमी UP में कई जगहों और पूर्वी UP में कुछ स्थानों पर बौछारें |
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी रामेन्द्र कुशवाहा ने बताया कि जुलाई का महीना धान की रोपाई और मक्का, दाल व तिलहन की बुवाई के लिए बहुत जरूरी होता है। बारिश कम होने से खेतों में नमी घट गई है, जिससे फसलों की बढ़वार रुक सकती है और किसानों को सिंचाई के लिए ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है।
31 जुलाई के लिए मौसम विभाग ने किसी भी जिले में भारी बारिश का रेड या ऑरेंज अलर्ट जारी नहीं किया है। हालांकि, पश्चिमी और पूर्वांचल के 23 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों में जल निकासी का इंतजाम रखें ताकि जलभराव से फसल को नुकसान न हो। आम लोगों को उमस से राहत मिलेगी, लेकिन धूप में पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है।