UP में मानसून की जोरदार वापसी, 19 जिलों में भारी बारिश का Orange Alert, 27 जुलाई से बदलेगा मौसम
UP: उत्तर प्रदेश में उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है। प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर जोरदार वापसी की है, जिससे मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कई जिलों में भारी बारिश की चे
UP: उत्तर प्रदेश में उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है। प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर जोरदार वापसी की है, जिससे मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे आम जनजीवन और खेती पर असर पड़ेगा।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र मजबूत होने और मानसून ट्रफ के उत्तर की ओर खिसकने से मानसूनी गतिविधियां फिर से सक्रिय हो गई हैं। रविवार 26 जुलाई को तराई इलाकों में बादल छाए रहे और बांदा, उरई, बरेली व शाहजहांपुर जैसे जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। हालांकि, असली बदलाव सोमवार 27 जुलाई से देखने को मिलेगा।
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 27 से 30 जुलाई के बीच पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में व्यापक बारिश होगी। सोमवार के लिए बहराइच और लखीमपुर खीरी में अत्यधिक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा 17 अन्य जिलों में भारी बारिश और 48 जिलों में बिजली गिरने (वज्रपात) की चेतावनी दी गई है। कुल 19 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 43 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
| अलर्ट का प्रकार | प्रभावित क्षेत्र/जिले |
|---|---|
| अत्यधिक भारी बारिश (Orange Alert) | बहराइच और लखीमपुर खीरी |
| भारी बारिश की चेतावनी | सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, सीतापुर, हरदोई, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं |
| बारिश और आंधी (26 जुलाई) | मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली, कानपुर, बदायूं, रामपुर, मैनपुरी, ललितपुर, सीतापुर, हरदोई, बहराइच, कन्नौज, कुशीनगर, प्रयागराज, गोरखपुर, देवरिया |
IMD ने यूपी के साथ-साथ बिहार और दिल्ली समेत 12 राज्यों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी दी है। कुछ इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। प्रशासन ने लोगों को खुले मैदानों, नदी किनारे और ऊंचे स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है। जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। यह बारिश खरीफ फसलों के लिए फायदेमंद होगी, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या हो सकती है।