UP : उत्तर प्रदेश में वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन को लेकर बड़ी खबर आई है। केंद्र सरकार के UMEED पोर्टल पर दर्ज करीब 31,328 संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है। कागजों में गड़बड़ी और तकनीकी खामियों की वजह से
UP : उत्तर प्रदेश में वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन को लेकर बड़ी खबर आई है। केंद्र सरकार के UMEED पोर्टल पर दर्ज करीब 31,328 संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है। कागजों में गड़बड़ी और तकनीकी खामियों की वजह से यह कदम उठाया गया है। अब लखनऊ समेत राज्य भर के मुस्लिम धर्मगुरु और मुतवल्ली समय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, जबकि सुधार के लिए 5 जून 2026 की आखिरी तारीख तय की गई है।
संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन क्यों रद्द हुआ और किन जिलों पर असर पड़ा
रजिस्ट्रेशन रद्द होने की मुख्य वजह खसरा नंबर का मिलान न होना, जमीन के रकबे में अंतर और अधूरे दस्तावेज बताए जा रहे हैं। कई मामलों में एक ही खसरा नंबर दो अलग-अलग वक्फ बोर्ड के पास दर्ज मिला। सबसे ज्यादा असर इन जिलों में देखा गया है:
| जिला |
रद्द संपत्तियां |
| जमपुर |
1,938 |
| बाराबंकी |
1,521 |
| मुजफ्फरनगर |
1,510 |
| अलीगढ़ |
1,061 |
| बस्ती |
1,000 |
| उन्नाव |
908 |
| सीतापुर |
906 |
| हरदोई |
891 |
| आजमगढ़ |
886 |
| लखनऊ |
875 |
सुधार के लिए क्या है सरकारी नियम और डेडलाइन
वक्फ ट्रिब्यूनल ने गलतियों को सुधारने और दोबारा दस्तावेज अपलोड करने के लिए 5 जून 2026 तक का समय दिया है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभड़ ने निर्देश दिए हैं कि जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी (DMO) कैंप लगाकर मुतवल्लियों की मदद करें। खास तौर पर 50 एकड़ से ज्यादा वाली संपत्तियों पर ध्यान दिया जाएगा। वक्फ बोर्ड ने साफ किया है कि रजिस्ट्रेशन रद्द होने का मतलब यह नहीं है कि संपत्ति का वक्फ दर्जा खत्म हो गया है, इसे केवल प्रशासनिक प्रक्रिया माना जाए।
अब तक कितनी संपत्तियों का काम पूरा हुआ
राज्य में कुल 1.18 लाख संपत्तियां पोर्टल पर दर्ज की गई थीं। इनमें से अब तक केवल 53,711 संपत्तियों को मंजूरी मिली है। करीब 20,546 संपत्तियों के दस्तावेजों का वेरिफिकेशन आखिरी चरण में है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में देशभर के लिए समय बढ़ाने से मना कर दिया है और आवेदकों को संबंधित वक्फ ट्रिब्यूनल से ही राहत मांगने को कहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन रद्द होने पर अब क्या करना होगा
मुतवल्ली UMEED पोर्टल पर उपलब्ध ‘करेक्शन’ विकल्प का उपयोग करके सही दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं। इसके लिए 5 जून 2026 तक का समय दिया गया है।
क्या रजिस्ट्रेशन रद्द होने से संपत्ति का मालिकाना हक चला गया
नहीं, वक्फ बोर्ड के अनुसार यह एक तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रिया है। रजिस्ट्रेशन रद्द होने से संपत्ति का वक्फ स्टेटस खत्म नहीं होता है।