UP : उत्तर प्रदेश में वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण को लेकर बड़ा अपडेट आया है। ‘उम्मीद’ पोर्टल पर दर्ज की गई 31 हजार से ज्यादा वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है। इस खबर के बाद लखनऊ में मुस्लिम ध
UP : उत्तर प्रदेश में वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण को लेकर बड़ा अपडेट आया है। ‘उम्मीद’ पोर्टल पर दर्ज की गई 31 हजार से ज्यादा वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है। इस खबर के बाद लखनऊ में मुस्लिम धर्मगुरुओं ने चिंता जताई है और पंजीकरण की आखिरी तारीख को आगे बढ़ाने की मांग की है ताकि संपत्तियों का दुरुपयोग न हो सके।
पंजीकरण रद्द होने की मुख्य वजह क्या हैं?
वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन रद्द होने के पीछे कई तकनीकी और दस्तावेजी कारण बताए गए हैं। कई मामलों में खसरा नंबर वक्फ बोर्ड और राजस्व रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहे थे। इसके अलावा, जमीन के रकबे में अंतर पाया गया और कुछ कब्रिस्तान व दरगाहें दो अलग-अलग वक्फ में दर्ज मिलीं। अधूरे दस्तावेजों और तकनीकी खामियों की वजह से भी आवेदन खारिज किए गए हैं।
किन जिलों में सबसे ज्यादा संपत्तियां रद्द हुईं?
प्रदेश भर में कुल 1,18,302 पंजीकृत संपत्तियों में से 31,328 का रजिस्ट्रेशन रद्द हुआ है और 31,192 दावों को खारिज किया गया है। अब तक केवल 53,711 संपत्तियों को ही मंजूरी मिली है। सबसे ज्यादा रद्दीकरण जौनपुर जिले में हुआ है।
| जिला |
रद्द संपत्तियां |
| जौनपुर |
1938 |
| बाराबंकी |
1521 |
| मुजफ्फरनगर |
1510 |
| अलीगढ़ |
1061 |
| बस्ती |
1000 |
| उन्नाव |
908 |
| सीतापुर |
906 |
| हरदोई |
891 |
| आजमगढ़ |
886 |
| लखनऊ |
875 |
अब आगे क्या होगा और आखिरी तारीख क्या है?
पंजीकरण की वर्तमान अंतिम तिथि 5 जून, 2026 है। सुप्रीम कोर्ट ने एकमुश्त विस्तार देने से इनकार कर दिया है, इसलिए मुतवल्लियों को व्यक्तिगत आधार पर समय मांगना होगा। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने जिला अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 5 जून से पहले गलत जानकारी सुधारने के लिए विशेष शिविर लगाए जाएं। मौलाना यासूब अब्बास ने भी मुतवल्लियों से तुरंत दोबारा ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण की आखिरी तारीख क्या है?
वर्तमान में ‘उम्मीद’ पोर्टल पर पंजीकरण की अंतिम तिथि 5 जून, 2026 तय की गई है।
उम्मीद पोर्टल क्यों शुरू किया गया था?
केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्रालय ने वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और पारदर्शिता लाने के लिए इस पोर्टल की शुरुआत की थी।