UP में ट्रांसगंगा सिटी पुल का ठेका विवादित कंपनियों को मिला, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे हादसे के बाद सुरक्षा पर उठे सवाल

UP/Kanpur: कानपुर को उन्नाव की ट्रांसगंगा सिटी से जोड़ने वाले 500.50 करोड़ रुपये के पुल का निर्माण कार्य अब शुरू होने जा रहा है। लेकिन इस प्रोजेक्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है क्योंकि इसका ठेका उन कंपनियों को मिला है जि

UP/Kanpur: कानपुर को उन्नाव की ट्रांसगंगा सिटी से जोड़ने वाले 500.50 करोड़ रुपये के पुल का निर्माण कार्य अब शुरू होने जा रहा है। लेकिन इस प्रोजेक्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है क्योंकि इसका ठेका उन कंपनियों को मिला है जिन पर पहले भी निर्माण कार्य में लापरवाही के आरोप लगे हैं। इस पुल के निर्माण की जिम्मेदारी पीएनसी इंफ्राटेक और एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन के संयुक्त उपक्रम को सौंपी गई है।

यह ठेका ऐसे समय में दिया गया है जब लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के धंसने और घाटमपुर ओवरब्रिज की घटनाओं ने सबको परेशान किया था। इन दोनों मामलों में पीएनसी इंफ्राटेक का नाम सामने आया था। एक्सप्रेसवे के ग्रीनफील्ड सेक्शन को सर्टिफिकेट मिलने के बाद भी सड़क धंसने और जल निकासी जैसी गंभीर समस्याएं दिखीं, जिसके कारण NHAI ने कंपनी पर 18 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया था।

वहीं दूसरी कंपनी एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन भी विवादों से घिरी रही है। बिहार के भागलपुर में अगुवानी-सुल्तानगंज पुल तीन बार ढहा, जिसमें इस कंपनी का हाथ था। इसके अलावा पटना की लोहिया पथ चक्र परियोजना में कंक्रीट स्लैब गिरने से तीन बच्चों की मौत का मामला भी इसी कंपनी से जुड़ा था। हमीरपुर में भी एक पुल हादसे में कंपनी का नाम आया था।

उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम ने वर्क ऑर्डर जारी कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह ठेका एल-1 यानी सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी को मिला है और तकनीकी तौर पर यह सही पाई गई। चूंकि एसपी सिंगला कंपनी आधिकारिक तौर पर ब्लैकलिस्ट नहीं थी, इसलिए वह टेंडर पाने में सफल रही। अब सेतु निगम के अधिकारियों ने कहा है कि वे इस बार अतिरिक्त सतर्कता बरतेंगे और पुल की निगरानी IIT के विशेषज्ञों द्वारा कराई जाएगी।

इस पूरे प्रोजेक्ट की कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

विवरण जानकारी
कुल परियोजना लागत 753.13 करोड़ रुपये (भूमि अधिग्रहण सहित)
निर्माण ठेका राशि 500.50 करोड़ रुपये
पुल की लंबाई 4 किलोमीटर (वाई-आकार)
मंजूरी की तारीख 11 मार्च 2026
वर्क ऑर्डर जारी 15 मई 2026
पूरा होने का लक्ष्य 36 महीने