UP : उत्तर प्रदेश में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) भर्ती परीक्षा के दौरान बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। परीक्षा के पहले दिन लखनऊ समेत कई जिलों में सॉल्वर पकड़े गए हैं। पुलिस और प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए कई
UP : उत्तर प्रदेश में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) भर्ती परीक्षा के दौरान बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। परीक्षा के पहले दिन लखनऊ समेत कई जिलों में सॉल्वर पकड़े गए हैं। पुलिस और प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए कई लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि कुछ आरोपी भागने में सफल रहे।
लखनऊ और बरेली में क्या हुआ?
लखनऊ में दो फर्जी परीक्षार्थियों को गिरफ्तार किया गया है, जो दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा दे रहे थे। वहीं बरेली में प्रमोद कुमार नाम का व्यक्ति विमल कुमार की जगह एग्जाम देते हुए पकड़ा गया। बताया जा रहा है कि इस काम के लिए 1.5 लाख रुपये का सौदा हुआ था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इसके पीछे कोई बड़ा संगठित गैंग काम कर रहा है।
कैसे पकड़े गए फर्जी परीक्षार्थी?
इस बार परीक्षा में सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने पहली बार AI आधारित इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम का इस्तेमाल किया, जिससे 11 फर्जी परीक्षार्थियों की पहचान हुई। इसके अलावा, बायोमेट्रिक सत्यापन, अंगूठे के निशान और आईरिस स्कैन की वजह से प्रतिरूपण पकड़ में आ गया। लखनऊ में कुल 56 केंद्रों पर सीसीटीवी और उड़नदस्तों की तैनाती रही थी।
कुल कितने लोग पकड़े गए और क्या है कार्रवाई?
परीक्षा के पहले दिन 3 जून को लखनऊ, बरेली, जौनपुर, चित्रकूट, मिर्जापुर और हाथरस जैसे जिलों से कुल 9 सॉल्वर रंगे हाथों पकड़े गए। 2 आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। पुलिस उपायुक्त पश्चिम कमलेश दीक्षित और एडीएम सिटी अविनाश त्रिपाठी ने साफ किया है कि धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UP TGT परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थियों को पकड़ने के लिए क्या तकनीक इस्तेमाल की गई?
इस परीक्षा में AI आधारित इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम, बायोमेट्रिक सत्यापन (अंगूठे का निशान) और आईरिस स्कैन का उपयोग किया गया, जिससे फर्जी परीक्षार्थियों की पहचान आसान हो गई।
बरेली में पकड़े गए सॉल्वर का सौदा कितने में हुआ था?
बरेली में प्रमोद कुमार नाम का सॉल्वर विमल कुमार की जगह परीक्षा दे रहा था, जिसके लिए कथित तौर पर 1.5 लाख रुपये का सौदा तय हुआ था।