UP के टांडा में आज भी जिंदा है गुरु-शिष्य परंपरा, गुरु पूर्णिमा पर आश्रम में जुटेंगे कई जिलों के शिष्य
UP/Ambedkar Nagar: बुनकर नगरी के नाम से मशहूर टांडा में सदियों पुरानी गुरु-शिष्य परंपरा आज भी उतनी ही मजबूत है। यहाँ गुरु के ज्ञान और आशीर्वाद को जीवन की मुश्किलों से निकलने का रास्ता माना जाता है। इसी परंपरा को आगे बढ़ा
UP/Ambedkar Nagar: बुनकर नगरी के नाम से मशहूर टांडा में सदियों पुरानी गुरु-शिष्य परंपरा आज भी उतनी ही मजबूत है। यहाँ गुरु के ज्ञान और आशीर्वाद को जीवन की मुश्किलों से निकलने का रास्ता माना जाता है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए 28 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के मौके पर टांडा के आश्रम में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन होगा।
इस आयोजन की खास बात यह है कि इसमें सिर्फ स्थानीय लोग ही नहीं बल्कि अलग-अलग जनपदों से बड़ी संख्या में शिष्य शामिल होंगे। भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान बहुत ऊंचा बताया गया है और टांडा के इस आश्रम में आज भी उसी श्रद्धा के साथ परंपराओं का पालन किया जा रहा है।