UP में स्मार्ट मीटर के नाम पर वसूले गए अतिरिक्त पैसे होंगे वापस, 5 बिजली कंपनियों के MD तलब
UP : उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर के नाम पर ग्राहकों से ज्यादा पैसे वसूलने और सुनवाई के दौरान अधिकारियों की गैरहाजिरी पर सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने नाराजगी जताते हुए पांच बिजली कंपनिय
UP : उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर के नाम पर ग्राहकों से ज्यादा पैसे वसूलने और सुनवाई के दौरान अधिकारियों की गैरहाजिरी पर सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने नाराजगी जताते हुए पांच बिजली कंपनियों के प्रबंध निदेशकों (MDs) को 20 अगस्त 2026 को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है।
मामला यह है कि बिजली कंपनियों ने स्मार्ट मीटर लगाने के लिए तय सीमा से अधिक शुल्क वसूला, जो बिजली अधिनियम 2003 की धारा 46 के नियमों का उल्लंघन था। आयोग ने पाया कि उपभोक्ताओं से ली गई यह राशि बिना किसी आधिकारिक मंजूरी के वसूली गई थी। इस गड़बड़ी के बाद UPERC ने खुद संज्ञान लेते हुए सुओ-मोटो कार्रवाई शुरू की है।
आयोग के चेयरमैन अरविंद कुमार, सदस्य संजय कुमार सिंह और सदस्य (विधि) गिरीश कुमार वैश ने इस मामले में सख्त निर्देश दिए हैं। 11 अगस्त को हुई सुनवाई में पावर कॉर्पोरेशन को छोड़कर बाकी कंपनियों के कमर्शियल डायरेक्टर नहीं पहुंचे थे, जिससे आयोग काफी नाराज दिखा। अब सभी MDs को हलफनामा देना होगा कि उनके अधिकारी अनुपस्थित क्यों रहे और डेटा में विसंगतियां क्यों हैं।
आम जनता के लिए राहत की बात यह है कि आयोग ने निर्देश दिया है कि ग्राहकों से वसूले गए अतिरिक्त पैसे 100 प्रतिशत वापस किए जाएं। यह पैसा पहले बकाया बिजली बिल में एडजस्ट किया जाएगा और अगर फिर भी कुछ बचता है, तो उसे अगले बिलों में क्रेडिट किया जाएगा। UPPCL ने 1 जुलाई 2026 से ही रिफंड की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस पूरे मामले में राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कनेक्शनों की संख्या और अतिरिक्त शुल्क के आंकड़ों में गड़बड़ी को उजागर किया था। अब 20 अगस्त को होने वाली सुनवाई में MDs को इन सभी सवालों के जवाब देने होंगे।