UP: उत्तर प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है. राज्य सरकार ने स्मार्ट बिजली मीटरों को अब प्रीपेड मोड की जगह पोस्टपेड मोड में संचालित करने का बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों
UP: उत्तर प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है. राज्य सरकार ने स्मार्ट बिजली मीटरों को अब प्रीपेड मोड की जगह पोस्टपेड मोड में संचालित करने का बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं. यह नई व्यवस्था पूर्वांचल, मध्यांचल, दक्षिणांचल, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगमों के साथ-साथ केस्को कानपुर में भी तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है.
क्यों बदली गई प्रीपेड मीटर की व्यवस्था?
राज्य में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर काफी समय से विरोध प्रदर्शन हो रहे थे. उपभोक्ताओं ने शिकायत की थी कि प्रीपेड व्यवस्था में अचानक बिजली कट जाती है और बिलिंग में भी कई तकनीकी गड़बड़ियां आती हैं. ज्यादा बिल आने और नेटवर्क की समस्याओं के कारण लोग परेशान थे. इन्हीं समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार ने लगभग 75 से 85 लाख स्मार्ट मीटरों को पोस्टपेड मोड में बदलने का निर्णय लिया है ताकि लोगों को सुचारू बिजली मिल सके और बिलिंग पारदर्शी हो.
अब कैसे आएगा बिजली का बिल और भुगतान के नियम
नई व्यवस्था के तहत अब उपभोक्ताओं को हर महीने की खपत का बिल अगले महीने मिलेगा. मई 2026 की बिजली खपत का बिल जून में जारी होगा. उपभोक्ताओं को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप और एसएमएस के जरिए 10 तारीख तक बिल भेज दिया जाएगा. भुगतान और अन्य प्रक्रियाएं नीचे दी गई हैं:
- बिल जारी होने की तारीख से भुगतान के लिए 15 दिनों का समय मिलेगा.
- भुगतान न होने पर 7 दिन का अतिरिक्त नोटिस पीरियड दिया जाएगा.
- समय पर पैसा जमा न करने पर ही बिजली काटी जाएगी और देरी से भुगतान पर अधिभार लगेगा.
- नेटवर्क की समस्या वाले इलाकों में कर्मचारी खुद आकर मीटर रीडिंग लेंगे ताकि सही बिल बन सके.
बकाया बिलों के भुगतान में मिली बड़ी राहत
सरकार ने उन उपभोक्ताओं को भी राहत दी है जिनका पिछला बिल बकाया है. घरेलू उपभोक्ता 30 अप्रैल 2026 तक का अपना पुराना बकाया 10 आसान किस्तों में जमा कर सकेंगे. अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को बकाया चुकाने के लिए तीन किस्तों की सुविधा मिलेगी, जिसमें पहली किस्त 40 प्रतिशत और अगली दो किस्तें 30-30 प्रतिशत की होंगी. इसके अलावा, स्मार्ट मीटर और बिलों से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए 15 मई से 30 जून 2026 तक बिजली विभाग के कार्यालयों में विशेष शिविर भी लगाए जाएंगे.
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या मुझे अपना स्मार्ट मीटर बदलना होगा?
नहीं, वर्तमान स्मार्ट मीटरों को ही सॉफ्टवेयर के जरिए पोस्टपेड मोड में बदल दिया गया है. अब सभी नए कनेक्शन भी पोस्टपेड मोड में ही दिए जाएंगे.
अगर प्रीपेड बैलेंस बचा हुआ है तो उसका क्या होगा?
प्रीपेड मोड में जमा की गई सुरक्षा राशि और बचे हुए बैलेंस को उपभोक्ताओं के आने वाले पोस्टपेड बिलों में किस्तों के माध्यम से समायोजित (Adjust) कर दिया जाएगा.
बिजली बिल की शिकायत कहां दर्ज करा सकते हैं?
उपभोक्ता 15 मई से 30 जून तक लगने वाले विशेष शिविरों के अलावा 1912 हेल्पलाइन और विभाग के व्हाट्सएप चैटबॉट पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.