UP: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने शिक्षा मित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों के लिए खजाना खोल दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इनके मानदेय में भारी बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई
UP: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने शिक्षा मित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों के लिए खजाना खोल दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इनके मानदेय में भारी बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इस फैसले से प्रदेश के करीब 1.67 लाख कर्मचारियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। अब शिक्षा मित्रों को हर महीने 10 हजार की जगह 18 हजार रुपये दिए जाएंगे और यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।
ℹ️: Rajasthan: Neemrana और Kotkasim में फिर जगी Greenfield Airport की आस, प्रशासन ने शुरू की जमीन की रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया।
जानिए अब कितनी मिलेगी सैलरी और कब आएगा खाते में पैसा?
सरकार ने तय किया है कि बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल 2026 से ही लागू होगा। इसका मतलब है कि मई के महीने में जब पहली बार संशोधित भुगतान होगा, तो वह नए रेट के हिसाब से होगा। शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों, दोनों के मानदेय में एक साथ 8,000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इस फैसले से राज्य सरकार के खजाने पर हर साल लगभग 1,475.27 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
| पद का नाम |
पुराना मानदेय |
नया मानदेय |
कुल बढ़ोतरी |
| शिक्षा मित्र |
₹10,000 |
₹18,000 |
₹8,000 |
| अंशकालिक अनुदेशक |
₹9,000 |
₹17,000 |
₹8,000 |
मानदेय के साथ फ्री इलाज और अन्य जरूरी सुविधाएं
सैलरी बढ़ाने के साथ ही सरकार ने इन कर्मचारियों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा का भी बड़ा ऐलान किया है। अब शिक्षा मित्र, अनुदेशक और उनके आश्रित परिवार को 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिल सकेगा। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि यह बढ़ा हुआ मानदेय साल में 11 महीने के लिए दिया जाएगा। अगर केंद्र सरकार से बजट मिलने में देरी होती है, तो भी राज्य सरकार अपने खर्च पर इस बढ़े हुए पैसे का भुगतान सुनिश्चित करेगी।
- शिक्षा मित्रों की संख्या प्रदेश में करीब 1,42,929 है।
- अंशकालिक अनुदेशकों की संख्या लगभग 24,717 है जो उच्च प्राथमिक स्कूलों में तैनात हैं।
- पिछली बार शिक्षा मित्रों का मानदेय 2017 में 3,500 से बढ़ाकर 10,000 किया गया था।
- अनुदेशकों का मानदेय 2022 में 7,000 से बढ़ाकर 9,000 रुपये किया गया था।