UP में बनेगा सबसे लंबा शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे, 6 राज्यों की कनेक्टिविटी होगी बेहतर, दिल्ली से नेपाल का सफर होगा आसान
UP: उत्तर प्रदेश में अब तक का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे बनने जा रहा है। शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे करीब 740 किलोमीटर लंबा होगा, जो गंगा एक्सप्रेसवे से भी बड़ा है। यह महा-एक्सप्रेसवे पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, यूपी, बिहार और प
UP: उत्तर प्रदेश में अब तक का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे बनने जा रहा है। शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे करीब 740 किलोमीटर लंबा होगा, जो गंगा एक्सप्रेसवे से भी बड़ा है। यह महा-एक्सप्रेसवे पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे 6 राज्यों को आपस में जोड़ेगा, जिससे इन राज्यों के बीच आना-जाना बहुत आसान हो जाएगा।
इस प्रोजेक्ट को NHAI बना रहा है और यूपी सरकार जमीन अधिग्रहण का काम देख रही है। यह एक्सप्रेसवे हरियाणा बॉर्डर के पास शामली से शुरू होकर बिहार बॉर्डर के पास कुशीनगर तक जाएगा और बीच में उत्तराखंड के हरिद्वार से भी गुजरेगा। इसके बनने के बाद दिल्ली-NCR से नेपाल जाने में अब सिर्फ 8 घंटे का समय लगेगा। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 35,000 से 40,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
प्रोजेक्ट की तैयारी को लेकर हाल ही में 13 जुलाई 2026 को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच एक बड़ी बैठक हुई। गडकरी ने कहा कि यूपी में वर्ल्ड क्लास रोड कनेक्टिविटी केंद्र की प्राथमिकता है, वहीं सीएम योगी ने बताया कि इस कॉरिडोर से राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
जमीन अधिग्रहण को लेकर सरकार ने कड़े नियम बनाए हैं। 22 जिलों में प्रस्तावित रूट के किनारे जमीन की खरीद-बिक्री पर अगस्त 2026 तक रोक लगा दी गई है ताकि सट्टेबाजी न हो। यह आदेश नेशनल हाईवे एक्ट की धारा 3A के तहत जारी किया गया है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल लंबाई | 700-742 किलोमीटर |
| लागत | ₹35,000 – ₹40,000 करोड़ |
| मुख्य रूट | शामली से कुशीनगर (वाया हरिद्वार) |
| लेन की संख्या | शुरुआत में 4 लेन (फ्लाईओवर/ब्रिज 6 लेन) |
| काम शुरू होने की तारीख | देर 2026 या शुरुआती 2027 |
| पूरा होने का लक्ष्य | 2030 के अंत तक या उसके बाद |
काम को तेजी से पूरा करने के लिए पूरे प्रोजेक्ट को 11 अलग-अलग पैकेज में बांटा गया है। इसके टेंडर 2026 के अंत तक आने की उम्मीद है और कॉन्ट्रैक्ट 2027 की शुरुआत में दिए जाएंगे। फिलहाल सर्वे का काम लगभग पूरा हो चुका है और जमीन के मुआवजे की दरें तय करने की प्रक्रिया चल रही है।