UP: उत्तर प्रदेश में Review Officer (RO) और Assistant Review Officer (ARO) भर्ती 2023 को लेकर एक बड़ा अपडेट आया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने इस भर्ती में नई नियुक्तियों पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह फैसला आरक्षण ल
UP: उत्तर प्रदेश में Review Officer (RO) और Assistant Review Officer (ARO) भर्ती 2023 को लेकर एक बड़ा अपडेट आया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने इस भर्ती में नई नियुक्तियों पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह फैसला आरक्षण लागू करने को लेकर चल रहे विवाद के बाद लिया गया है। अब इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 12 मई 2026 को होगी।
आरक्षण को लेकर क्या है पूरा विवाद?
विवेक यादव और अन्य याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में दावा किया कि वे OBC कैटेगरी से हैं और उनके प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Exam) में नंबर उन 25 सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों से ज्यादा थे जिन्हें मुख्य परीक्षा के लिए चुना गया। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इसके बावजूद उन्हें प्रीलिम्स में असफल घोषित कर दिया गया। उन्होंने एक सिंगल-जज बेंच के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें उन्हें अंतरिम राहत नहीं मिली थी। जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस मंजीत शुक्ला की बेंच ने अब इस मामले में दखल दिया है।
UPPSC और सरकार का क्या कहना है?
UPPSC सचिव गिरीजेश त्यागी ने कोर्ट को बताया कि प्रारंभिक परीक्षा केवल एक ‘उपयुक्तता परीक्षा’ (suitability exam) होती है, जिसके नंबर फाइनल मेरिट में नहीं जुड़ते। आयोग का तर्क है कि आरक्षण का निर्धारण अंतिम चयन स्तर पर किया जाता है। आयोग ने यह भी बताया कि 5 अप्रैल 2026 को जारी फाइनल रिजल्ट में 419 उम्मीदवारों में से 176 (42%) OBC श्रेणी से हैं और 28.16% सामान्य श्रेणी से हैं। आयोग के मुताबिक पूरी प्रक्रिया नियमों के तहत ही पूरी की गई है।
भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण बातें
यह भर्ती पहले से ही विवादों में रही है। 11 फरवरी 2024 को पेपर लीक के आरोपों के कारण प्रीलिम्स परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसके बाद 17 जनवरी 2026 को दस्तावेजों में कमी के कारण 116 आवेदन रद्द किए गए थे। साथ ही यह भी सामने आया था कि कुछ उम्मीदवार PCS 2024 और RO/ARO 2023 दोनों में चुने गए, जिससे लगभग 28 पद खाली रह सकते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
RO-ARO भर्ती पर कोर्ट ने रोक क्यों लगाई?
OBC श्रेणी के कुछ उम्मीदवारों ने आरोप लगाया कि उनके प्रीलिम्स में नंबर ज्यादा होने के बावजूद उन्हें मुख्य परीक्षा के लिए नहीं चुना गया, जबकि कम नंबर वाले सामान्य श्रेणी के उम्मीदवार चुन लिए गए।
अगली सुनवाई कब है और इसका क्या असर होगा?
मामले की अगली सुनवाई 12 मई 2026 को तय की गई है। तब तक कोर्ट ने नई नियुक्तियों पर अंतरिम रोक लगा दी है।