UP: राम मंदिर चढ़ावा विवाद की जांच पूरी, SIT लखनऊ रवाना, सीएम योगी को सौंपेगी रिपोर्ट

UP/Ayodhya: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर चल रहे विवाद की जांच करने वाली SIT अपनी छह दिन की कार्रवाई पूरी कर लखनऊ रवाना हो गई है। यह टीम अपनी शुरुआती रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपेगी। अब सबकी नजरें

UP/Ayodhya: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर चल रहे विवाद की जांच करने वाली SIT अपनी छह दिन की कार्रवाई पूरी कर लखनऊ रवाना हो गई है। यह टीम अपनी शुरुआती रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपेगी। अब सबकी नजरें इस रिपोर्ट पर हैं कि मंदिर के दान और चढ़ावे के मामले में असल सच्चाई क्या है।

SIT ने शुक्रवार देर रात तक फाइलों की गहन जांच की और सबूतों को नौ पेन ड्राइव में इकट्ठा किया। जांच के दौरान टीम ने मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों, चढ़ावा गिनने वाले कर्मचारियों और बैंक कर्मियों समेत 50 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की। पूछताछ में नौ संदिग्ध कर्मचारियों में से दो लोगों के नाम बार-बार सामने आए हैं, जिनमें एक काउंटिंग इंचार्ज भी शामिल है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले पर कहा कि भक्तों ने 500 साल इंतजार किया है, इसलिए वे सच सामने आने के लिए 15 दिन और इंतजार कर सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे उन लोगों की बातों में न आएं जो अयोध्या की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। सीएम ने भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

इस जांच के लिए 14 जून को तीन सदस्यीय SIT बनाई गई थी, जिसमें लखनऊ के डिविजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत, आईजी किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं। टीम को सात दिन में शुरुआती और 15 दिन में फाइनल रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया था।

दूसरी तरफ, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सभी आरोपों को गलत बताया है। ट्रस्ट का कहना है कि चढ़ावे की पूरी प्रक्रिया नियमों के मुताबिक है और नियमित ऑडिट भी होता है। वहीं, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने इस मामले में सीबीआई जांच और सीएजी ऑडिट की मांग की है और सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने को कहा है। पुलिस ने साफ किया है कि जब तक SIT की रिपोर्ट नहीं आती, तब तक किसी भी शिकायत पर स्वतंत्र कार्रवाई नहीं की जाएगी।