UP: लखनऊ और रायबरेली जैसी जगहों से नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर राजस्थान बेचने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने इस रैकेट के मास्टरमाइंड पति-पत्नी सोनम और भूपेंद्र चौधरी को राजस्थान के कोटा जिले
UP: लखनऊ और रायबरेली जैसी जगहों से नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर राजस्थान बेचने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने इस रैकेट के मास्टरमाइंड पति-पत्नी सोनम और भूपेंद्र चौधरी को राजस्थान के कोटा जिले से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह गरीबी का फायदा उठाकर बच्चियों को शादी का झांसा देता था और फिर उन्हें पैसों के बदले बेच देता था।
कैसे काम करता था यह तस्करी गिरोह?
यह गिरोह उन लड़कियों को निशाना बनाता था जिनके पास परिवार का सहारा कम था या जो आर्थिक रूप से कमजोर थीं। आरोपी उन्हें अच्छी नौकरी, तोहफे या बिछड़ी मां से मिलवाने का लालच देते थे। पहले लड़कियों को रायबरेली ले जाया जाता था, जहां उन्हें नए कपड़े पहनाकर फोटो खींची जाती थी। ये फोटो WhatsApp के जरिए राजस्थान में मौजूद सोनम और भूपेंद्र को भेजी जाती थीं। पसंद आने पर डील तय होती थी और लड़कियों को कोटा के बंबोरी गांव जैसे इलाकों में जबरन शादी के लिए भेज दिया जाता था। एक बच्ची की कीमत 1 लाख से 1.5 लाख रुपये तक तय की जाती थी।
अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए और कितनी बच्चियां बचीं?
इस मामले में पुलिस ने अब तक कई गिरफ्तारियां की हैं। मास्टरमाइंड दंपती से पहले 3 जून या 4 जून को लखनऊ के अतरौली क्रॉसिंग से अनुराग यादव, मोहम्मद अख्तर, प्रिया पटेल और एक नाबालिग को पकड़ा गया था। यह पूरा मामला 12 मई 2026 को तब सामने आया जब मोहनलालगंज की दो बहनों (12 और 16 साल) की दादी ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने 18 मई को इन दोनों बच्चियों को सुरक्षित बचा लिया था।
कितने समय से चल रहा था यह काला कारोबार?
पुलिस जांच में पता चला है कि यह गिरोह पिछले कई सालों से सक्रिय था। बताया जा रहा है कि यह दंपती 2018 से बिहार में ऐसा ही रैकेट चला रहा था और बाद में उन्होंने अपना काम UP में फैला लिया। 2020 से UP और राजस्थान के बीच यह नेटवर्क चल रहा था। पुलिस के मुताबिक अब तक करीब 20 से ज्यादा नाबालिग लड़कियों की तस्करी की जा चुकी है, जिनमें रायबरेली की दो बहनें भी शामिल थीं। मोहनलालगंज पुलिस और DCP साउथ की टीम अब बैंक ट्रांजेक्शन और मोबाइल डेटा की जांच कर रही है ताकि अन्य आरोपियों को पकड़ा जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
गिरोह लड़कियों को कैसे फंसाता था?
आरोपी गरीब और अनाथ लड़कियों को बेहतर जीवन, नौकरी और तोहफों का लालच देते थे। उन्हें शादी का झांसा देकर राजस्थान ले जाया जाता था और वहां 1 से 1.5 लाख रुपये में बेच दिया जाता था।
इस मामले में अब तक कुल कितनी गिरफ्तारियां हुई हैं?
पुलिस ने मास्टरमाइंड सोनम और भूपेंद्र चौधरी के अलावा अनुराग यादव, मोहम्मद अख्तर, प्रिया पटेल और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया है।