UP में मानसून एक्सप्रेस रफ्तार में, 54 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट, अगले कुछ दिन बरसेगा पानी
UP: उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है, जिससे प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के 54 से 57 जिलों में बारिश और बिजली गिरने यानी वज
UP: उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है, जिससे प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के 54 से 57 जिलों में बारिश और बिजली गिरने यानी वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी की है। इस बारिश से जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं प्रशासन ने सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 3 अगस्त से 7 अगस्त तक भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 अगस्त से 7 अगस्त तक बारिश का अनुमान है। 4 अगस्त से 10 अगस्त के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होगी। मानसूनी ट्रफ अब उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रही है, जिससे आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां और तेज हो जाएंगी।
IMD ने 3 अगस्त के लिए करीब 20 से 21 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इसमें प्रयागराज, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, गाजीपुर, बलिया, मऊ, आजमगढ़, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर, अमेठी, अयोध्या, गोंडा, बस्ती, संतकबीरनगर, गोरखपुर, कुशीनगर, महराजगंज, जौनपुर और वाराणसी जैसे जिले शामिल हैं। इसके अलावा 51 जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
| क्षेत्र/जिला | चेतावनी का प्रकार | संभावित समय |
|---|---|---|
| पूर्वी उत्तर प्रदेश | भारी बारिश | 3 अगस्त से 7 अगस्त |
| पश्चिमी उत्तर प्रदेश | बारिश | 4 अगस्त से 7 अगस्त |
| बलरामपुर समेत 8 जिले | भारी बारिश | तत्काल |
| अयोध्या, गोरखपुर, बस्ती समेत 10 जिले | येलो अलर्ट | तत्काल |
पिछले 24 घंटों की बात करें तो कासगंज में 62 मिमी, मुरादाबाद में 53.2 मिमी और बलरामपुर में 45.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है। लगातार हो रही इस बारिश से तापमान में गिरावट आई है, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव और छोटे नालों व नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा न करें। बिजली कड़कने के समय खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे खेतों में काम शुरू करने से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर देख लें।