UP : लखनऊ में ‘विजन 2047’ संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें ऊर्जा विशेषज्ञों ने प्रदेश के भविष्य की बिजली जरूरतों पर चर्चा की। अभी उत्तर प्रदेश की बिजली खपत राष्ट्रीय औसत से कम है, लेकिन आने वाले समय में इसे
UP : लखनऊ में ‘विजन 2047’ संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें ऊर्जा विशेषज्ञों ने प्रदेश के भविष्य की बिजली जरूरतों पर चर्चा की। अभी उत्तर प्रदेश की बिजली खपत राष्ट्रीय औसत से कम है, लेकिन आने वाले समय में इसे काफी बढ़ने का अनुमान है। सरकार का लक्ष्य राज्य को एक प्रमुख हरित ऊर्जा राज्य बनाना है ताकि भविष्य में बिजली की कमी न हो।
2047 तक बिजली की मांग में कितनी होगी बढ़ोतरी?
प्रदेश में वर्तमान में अधिकतम बिजली की मांग लगभग 33 हजार मेगावाट है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि साल 2047 तक यह मांग बढ़कर 1.56 लाख मेगावाट तक पहुंच जाएगी। पिछले 12 सालों में राज्य की बिजली खपत में 113% से ज्यादा की बढ़ोत्तरी हुई है। साल 2012-13 में यह 76,574.6 मिलियन यूनिट थी, जो 2025-26 में बढ़कर 1,62,858.1 मिलियन यूनिट हो गई है।
भविष्य के लिए क्या है सरकार की तैयारी?
अतिरिक्त मुख्य सचिव नरेंद्र भूषण ने बताया कि प्रदेश में 24×7 बिजली आपूर्ति के लिए फ्लोटिंग सोलर, परमाणु ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे नए विकल्पों पर काम करना होगा। सरकार ने लक्ष्य रखा है कि 2047 तक 40-50% बिजली की जरूरतें नवीकरणीय स्रोतों (Renewable Energy) से पूरी की जाएं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गांवों में 18 घंटे और शहरों में 24 घंटे बिजली देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्मार्ट मीटर के जरिए सही बिलिंग और ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
विभाग के अंदर के विवाद और उपभोक्ता राहत
एक तरफ जहां भविष्य की योजनाएं बन रही हैं, वहीं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा और UPPCL चेयरमैन आशीष गोयल के बीच बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर टकराव की खबरें आई हैं। मंत्री ने बिना सलाह के बिजली महंगी करने पर नाराजगी जताई है। दूसरी ओर, उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर यह है कि मई महीने में UPPCL ने 18.55 लाख शिकायतों में से 99.24% का समाधान कर दिया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
उत्तर प्रदेश में 2047 तक बिजली की कितनी मांग होगी?
विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर प्रदेश की वर्तमान अधिकतम बिजली मांग 33 हजार मेगावाट है, जिसके 2047 तक बढ़कर 1.56 लाख मेगावाट होने का अनुमान है।
मुख्यमंत्री ने बिजली आपूर्ति को लेकर क्या निर्देश दिए हैं?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहरों में 24 घंटे और गांवों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, स्मार्ट मीटर लगाने और बिलिंग सुधारने के निर्देश दिए हैं।