UP में पशुमित्रों का कार्य बहिष्कार, नियमित मानदेय की मांग को लेकर 6 अगस्त से लखनऊ में भूख हड़ताल की चेतावनी

UP : उत्तर प्रदेश के पैरावेट, पशुमित्र, लेमैन इंसीमिनेटर और मैत्री कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। नियमित मानदेय के प्रस्ताव को मंजूरी न मिलने के कारण इन कार्यकर्ताओं ने एफ.एम.डी. (खुरपका-मुँहपका)

UP : उत्तर प्रदेश के पैरावेट, पशुमित्र, लेमैन इंसीमिनेटर और मैत्री कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। नियमित मानदेय के प्रस्ताव को मंजूरी न मिलने के कारण इन कार्यकर्ताओं ने एफ.एम.डी. (खुरपका-मुँहपका) टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान जैसे जरूरी कामों का पूरी तरह बहिष्कार कर दिया है। इस फैसले से प्रदेश के पशुपालन सेवाओं पर असर पड़ना तय है।

यह विरोध प्रदर्शन 23 जुलाई 2026 से शुरू हुआ है। बलरामपुर और कन्नौज जैसे जिलों में कार्यकर्ताओं ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। कन्नौज में कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर विकास भवन परिसर में प्रदर्शन किया और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (CVO) सरदूल सिंह को अपना ज्ञापन सौंपा। संगठन का कहना है कि जुलाई 2025 में मंत्री स्तर पर उन्हें नियमित मानदेय का भरोसा दिया गया था।

जानकारी के मुताबिक, प्रमुख सचिव के निर्देश पर पशुपालन निदेशालय ने 13 जनवरी 2026 को नियमित मानदेय का प्रस्ताव सरकार को भेजा था। लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया, जिससे कार्यकर्ताओं में काफी गुस्सा है। ऑल पैरावेट पशुमित्र मैत्री कार्यकर्ता सेवा समिति संघ के जिला अध्यक्ष विनय कुमार मिश्रा, जिला संरक्षक पुष्यंत गुप्ता और जिला महामंत्री महेंद्र कुमार ने इस पूरे मामले पर अपनी बात रखी है।

संगठन ने शासन और प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि 4 अगस्त 2026 तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन और तेज होगा। योजना के अनुसार, 5 अगस्त को लखनऊ में पशुपालन निदेशालय से विधानसभा तक पदयात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद 6 अगस्त से जी.पी.ओ. पार्क में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। कार्यकर्ताओं ने साफ कहा है कि यदि इस दौरान कोई अप्रिय स्थिति बनती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।