UP : लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में जल्द ही एक हाईटेक विधान भवन तैयार होगा। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने सहारा शहर की 245 एकड़ जमीन पर इस नए परिसर को बनाने के लिए कंसल्टेंट और आर्किटेक्ट के चयन का टेंडर जारी कर दिया है। यह
UP : लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में जल्द ही एक हाईटेक विधान भवन तैयार होगा। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने सहारा शहर की 245 एकड़ जमीन पर इस नए परिसर को बनाने के लिए कंसल्टेंट और आर्किटेक्ट के चयन का टेंडर जारी कर दिया है। यह नया परिसर पूरी तरह डिजिटल होगा और इसमें सरकार के कई महत्वपूर्ण दफ्तर एक ही जगह होंगे।
नया विधान भवन कहां बनेगा और कितनी जमीन होगी
यह प्रोजेक्ट गोमतीनगर के विपुल खंड में सहारा शहर की 245 एकड़ जमीन पर बनेगा। इस जमीन में से 170 एकड़ नगर निगम की और 75 एकड़ LDA की है। पहले यह जमीन सहारा इंडिया समूह को लीज पर दी गई थी, लेकिन शर्तों के उल्लंघन के कारण नगर निगम ने इसे रद्द कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार के इस फैसले को सही ठहराया है, जिससे अब निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
परिसर में क्या-क्या सुविधाएं होंगी
नया परिसर केवल विधानसभा तक सीमित नहीं रहेगा। योजना के मुताबिक यहां विधानसभा भवन, विधान परिषद, मुख्यमंत्री और मंत्रियों के चैंबर, विधायकों के कमरे और एक बड़ा सचिवालय एक ही जगह होगा। साथ ही यहां विशाल पार्किंग और ग्रीन बेल्ट भी बनाई जाएगी। इसे ‘ई-विधानसभा’ के तौर पर विकसित किया जाएगा, जिससे सारा सरकारी कामकाज पेपरलेस और स्मार्ट टेक्नोलॉजी के जरिए होगा।
टेंडर की प्रक्रिया और आगे की तैयारी
LDA ने वैश्विक स्तर के आर्किटेक्ट और कंसल्टेंट के लिए 23 मई से 21 जून, 2026 तक आवेदन मांगे हैं। चयनित कंपनी को 2 महीने के अंदर जमीन की पूरी रिपोर्ट देनी होगी। इसके बाद एक विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार होगी, जिससे निर्माण की कुल लागत और समय तय किया जाएगा। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नया विधान भवन बनाने की जरूरत क्यों पड़ी?
मौजूदा भवन करीब 102 साल पुराना है। भविष्य में विधायकों की बढ़ती संख्या, डिजिटल कामकाज की जरूरत और सुरक्षा मानकों को देखते हुए नए और आधुनिक भवन की आवश्यकता महसूस की गई।
टेंडर आवेदन की आखिरी तारीख क्या है?
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) द्वारा जारी टेंडर के लिए इच्छुक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां 21 जून, 2026 तक अपने आवेदन जमा कर सकती हैं।