UP के 44 जिलों में भारी बारिश का Yellow Alert, लखनऊ में आंधी-बारिश से लोग परेशान
UP: उत्तर प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है जिससे भीषण गर्मी से राहत मिली है। लखनऊ में देर रात जोरदार बारिश और तेज आंधी आई जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून 30 जून को राज्य
UP: उत्तर प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है जिससे भीषण गर्मी से राहत मिली है। लखनऊ में देर रात जोरदार बारिश और तेज आंधी आई जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून 30 जून को राज्य में दाखिल हुआ था और अगले दो से तीन दिनों में यह पूरे प्रदेश को कवर कर लेगा।
India Meteorological Department (IMD) ने उत्तर प्रदेश समेत बिहार और दिल्ली के साथ 15 राज्यों में भारी बारिश, बिजली कड़कने और 70-80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं का अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के 44 जिलों में बारिश और बिजली गिरने को लेकर ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है जिसमें प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर और अयोध्या जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं।
3 जुलाई को विशेष रूप से झांसी, महोबा, सोनभद्र, चित्रकूट, बांदा, ललितपुर, प्रयागराज, वाराणसी, मथुरा, कानपुर, आगरा, सहारनपुर, मेरठ, बुलंदशहर, गौतम बुद्ध नगर, इटावा, फिरोजाबाद, मिर्जापुर, महाराजगंज और शाहजहाँपुर में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बहुत भारी बारिश की संभावना है जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी कई जगहों पर तेज बारिश होगी। बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने से मानसून की गतिविधियां और तेज होने की उम्मीद है।
आने वाले दिनों की बात करें तो 4 जुलाई को लखनऊ में छिटपुट बारिश हो सकती है और पश्चिमी यूपी में बिजली कड़कने के साथ तूफान आने की संभावना है। 5 और 6 जुलाई से बारिश की रफ्तार और बढ़ेगी। वहीं 7 से 9 जुलाई के बीच पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट है।
IMD ने आम लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान गैर जरूरी यात्रा न करें और खुले मैदान या पेड़ों के नीचे शरण न लें। बिजली कड़कने के समय सुरक्षित इमारतों के अंदर रहें और नदियों या जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें। किसानों को अपने खेतों में जल निकासी का इंतजाम करने और तेज हवाओं के समय खेती के काम को टालने की सलाह दी गई है।
मौसम वैज्ञानिकों ने यह भी बताया है कि अल नीनो के प्रभाव के कारण जुलाई और अगस्त में कुल बारिश सामान्य से थोड़ी कम रह सकती है। जुलाई में बारिश सामान्य से 5 प्रतिशत और अगस्त में करीब 8 प्रतिशत कम रहने का अनुमान है।