UP के सभी 75 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने दी वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी
UP: उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और अब पूरे प्रदेश को अपनी जद में ले लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के सभी 75 जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आने वाले दिनों में कई इला
UP: उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और अब पूरे प्रदेश को अपनी जद में ले लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के सभी 75 जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आने वाले दिनों में कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और वज्रपात होने की संभावना है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, 2 जुलाई 2026 को मानसून पूरे प्रदेश में फैल गया। 3 जुलाई से 4 जुलाई के बीच पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जो कुछ मामलों में 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। पश्चिमी यूपी में 3 से 7 जुलाई तक और पूर्वी यूपी में 3 से 8 जुलाई तक भारी बारिश होने के आसार हैं। लखनऊ में भी 3 जुलाई को बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश के साथ 50 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
भारी बारिश की इस चेतावनी में सहारनपुर, मेरठ, गौतम बुद्ध नगर, आगरा, मथुरा, बुलंदशहर, इटावा, फिरोजाबाद, बांदा, मिर्जापुर, सोनभद्र, प्रयागराज, वाराणसी, महाराजगंज, कानपुर और शाहजहांपुर जैसे जिले शामिल हैं। नोएडा और गाजियाबाद में भी भारी बारिश का अलर्ट है। आंकड़ों के मुताबिक, मौजूदा मानसून सीजन में बहराइच जिले में अब तक सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
| क्षेत्र/राज्य | पूर्वानुमान/चेतावनी | समय सीमा |
|---|---|---|
| पश्चिमी उत्तर प्रदेश | भारी से बहुत भारी बारिश | 3 जुलाई से 7 जुलाई |
| पूर्वी उत्तर प्रदेश | भारी बारिश की संभावना | 3 जुलाई से 8 जुलाई |
| लखनऊ | हल्की बारिश और तेज हवाएं | 3 जुलाई |
| उत्तराखंड और हिमाचल | भारी से बहुत भारी बारिश | 8 जुलाई तक |
| पूरा उत्तर प्रदेश | भारी बारिश और वज्रपात | 2 जुलाई से प्रभावी |
मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि अल नीनो की स्थिति के कारण जुलाई और अगस्त में कुल मानसून बारिश सामान्य से थोड़ी कम रह सकती है। अनुमान है कि जुलाई में बारिश सामान्य से 5% और अगस्त में 8% कम रहेगी। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र की वजह से अगले 5 दिनों तक देश के मध्य भागों में मानसून सक्रिय रहेगा।
IMD ने लोगों को सलाह दी है कि वे गरज-चमक के दौरान सावधानी बरतें। खराब मौसम में पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास शरण न लें और आधिकारिक मौसम बुलेटिन के जरिए अपडेट रहें।