UP में मानसून सक्रिय, 75 जिलों में बारिश का अलर्ट; लखनऊ समेत कई शहरों में जलभराव

उत्तर प्रदेश: यूपी में मानसून ने पूरी रफ्तार पकड़ ली है जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है। हालांकि, मौसम विभाग ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। लखनऊ समेत क

उत्तर प्रदेश: यूपी में मानसून ने पूरी रफ्तार पकड़ ली है जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है। हालांकि, मौसम विभाग ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। लखनऊ समेत कई शहरों में बारिश के कारण घरों में पानी घुस गया है और सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के मुताबिक 3 जुलाई 2026 को पूरे प्रदेश में वज्रपात और बारिश की चेतावनी दी गई है। झांसी, महोबा, सोनभद्र, चित्रकूट, बांदा और ललितपुर जैसे जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। वहीं कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज समेत 44 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मानसून पूर्वी उत्तर प्रदेश में पूरी तरह सक्रिय है और अगले दो से तीन दिनों में यह पश्चिमी यूपी तक पहुंच जाएगा। वैज्ञानिक मो. दानिश के अनुसार मानसून की रेखा आजमगढ़, अयोध्या और बरेली से होकर गुजर रही है। 2 जुलाई से 5 जुलाई तक 21 प्रमुख जिलों में मूसलाधार बारिश और 75 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का ‘ऑरेंज अलर्ट’ भी जारी किया गया है।

प्रमुख जानकारी विवरण
भारी बारिश चेतावनी झांसी, महोबा, सोनभद्र, चित्रकूट, बांदा, ललितपुर
येलो अलर्ट (गरज-चमक) कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज समेत 44 जिले
ऑरेंज अलर्ट (तेज आंधी) 21 प्रमुख जिले (2 से 5 जुलाई तक)
सबसे ज्यादा बारिश (2 जुलाई) बहराइच (113 मिमी), बिजनौर (95 मिमी), ललितपुर (93 मिमी)
हवा की रफ्तार 30 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा
सावधानी सलाह पेड़, बिजली के खंभों और खुले मैदान से दूर रहें

भारी बारिश की वजह से यातायात प्रभावित होने और फिसलन बढ़ने की आशंका है। तेज आंधी के कारण बड़े पेड़ गिरने का खतरा भी बना हुआ है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और आधिकारिक चेतावनियों पर नजर रखें। किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद मानी जा रही है, लेकिन शहरी इलाकों में जलभराव ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं।