UP अल्पसंख्यक आयोग की नियुक्ति में देरी पर हाईकोर्ट सख्त, ACS को 20 जुलाई को तलब किया

UP: उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति में हो रही देरी को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राज्य सरकार के प्रति कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने इस मामले में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अपर

UP: उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति में हो रही देरी को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राज्य सरकार के प्रति कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने इस मामले में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) को 20 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है।

अदालत ने सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि नियुक्तियों की प्रक्रिया में काफी समय बीत चुका है लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। इससे पहले 4 अप्रैल 2026 को भी कोर्ट ने सरकार की निष्क्रियता पर टिप्पणी की थी और 13 मई तक नियुक्ति प्रक्रिया पर स्पष्ट जवाब मांगा था। फरवरी 2026 में सरकारी वकील ने कोर्ट को भरोसा दिलाया था कि काम चल रहा है, लेकिन कोर्ट ने पाया कि इसमें कोई खास प्रगति नहीं हुई है।

रिकॉर्ड के मुताबिक, जून 2021 में अशफाक सैफी को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया था और उनके साथ सात सदस्य नियुक्त हुए थे, जिनका कार्यकाल तीन साल का था। उससे पहले फरवरी 2018 में तनवीर हैदर उस्मानी को अध्यक्ष और आठ सदस्यों की नियुक्ति की गई थी। अब लंबे समय से ये पद खाली पड़े हैं, जिस वजह से कोर्ट ने अब वरिष्ठ अधिकारी को खुद हाजिर होने को कहा है।