UP : उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में न्यूनतम मजदूरी की दरों में बढ़ोतरी की है। यह फैसला नोएडा में मजदूरों के हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद लिया गया। सरकार ने अकुशल, अर्ध-कुशल और कुशल श्रमिकों के लिए अंतरिम वेतन वृद्धि लागू
UP : उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में न्यूनतम मजदूरी की दरों में बढ़ोतरी की है। यह फैसला नोएडा में मजदूरों के हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद लिया गया। सरकार ने अकुशल, अर्ध-कुशल और कुशल श्रमिकों के लिए अंतरिम वेतन वृद्धि लागू की है, जिससे मजदूरों को थोड़ी राहत मिली है, हालांकि महंगाई के बीच यह राशि कम लग रही है।
न्यूनतम मजदूरी की नई दरें क्या हैं?
सरकार ने जिलों को तीन श्रेणियों में बांटा है। नोएडा और गाजियाबाद जैसे औद्योगिक इलाकों को कैटेगरी-1 में रखा गया है, जहां सबसे ज्यादा वेतन मिलेगा। नए नियमों के मुताबिक वेतन की लिस्ट इस प्रकार है:
| श्रेणी (Category) |
अकुशल (Unskilled) |
अर्ध-कुशल (Semi-skilled) |
कुशल (Skilled) |
| कैटेगरी I (Noida/Ghaziabad) |
₹13,690 |
₹15,059 |
₹16,868 |
| कैटेगरी II (नगर निगम जिले) |
₹13,006 |
₹14,306 |
₹16,025 |
| कैटेगरी III (अन्य जिले) |
₹12,356 |
₹13,590 |
₹15,224 |
मजदूरों की क्या है शिकायत और सरकार का क्या कहना है?
Noida के SEZ में काम करने वाले मजदूरों का कहना है कि 13,690 रुपये में शहर में गुजारा करना बहुत मुश्किल है। कई मजदूरों का मानना है कि बढ़ते खर्चों को देखते हुए वेतन कम से कम 20,000 रुपये होना चाहिए ताकि वे कुछ बचत कर सकें। वहीं, गौतम बुद्ध नगर की जिला मजिस्ट्रेट Medha Roopam ने बताया कि यह फैसला एक हाई-पावर्ड कमेटी की सिफारिश पर मुख्यमंत्री ने लिया है। सरकार का मकसद उद्योगों की जरूरत और मजदूरों की मांग के बीच संतुलन बनाना है।
वेतन वृद्धि के नियम और आगे की योजना
यह नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू मानी गई हैं और इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन 17 अप्रैल 2026 को जारी हुआ था। सरकार ने साफ किया है कि सोशल मीडिया पर चल रही 20,000 रुपये न्यूनतम वेतन की खबरें गलत हैं। भविष्य में एक स्थाई वेतन प्रणाली बनाने के लिए ‘वेज बोर्ड’ के गठन की योजना है। साथ ही, प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अगर कोई कंपनी वेतन कम करती है या नियमों में गड़बड़ी करती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नोएडा में एक अकुशल मजदूर को अब कितनी सैलरी मिलेगी?
नोएडा (कैटेगरी I) में एक अकुशल (Unskilled) मजदूर के लिए न्यूनतम मजदूरी अब 13,690 रुपये प्रति महीना तय की गई है, जो पहले 11,313 रुपये थी।
क्या यूपी में सभी जिलों में एक जैसा वेतन मिलेगा?
नहीं, सरकार ने जिलों को तीन श्रेणियों में बांटा है। नोएडा और गाजियाबाद (कैटेगरी I) में सबसे ज्यादा, नगर निगम वाले जिलों (कैटेगरी II) में मध्यम और बाकी जिलों (कैटेगरी III) में सबसे कम न्यूनतम वेतन तय किया गया है।