UP के मानिकपुर में बारिश से हाईवे बना तालाब, शीतला सप्तमी मेले में आए श्रद्धालुओं को भारी परेशानी
UP/Manikpur : प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर स्थित सभागंज चौराहे पर हल्की बारिश ने प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है। थोड़ी सी बारिश के बाद सड़क पर इतना पानी भर गया कि वह तालाब जैसी दिखने लगी। इस वजह से शीतला सप्तमी मेले में आन
UP/Manikpur : प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर स्थित सभागंज चौराहे पर हल्की बारिश ने प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है। थोड़ी सी बारिश के बाद सड़क पर इतना पानी भर गया कि वह तालाब जैसी दिखने लगी। इस वजह से शीतला सप्तमी मेले में आने वाले हजारों श्रद्धालुओं और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और कई गाड़ियां फिसलने से बाल-बाल बचीं।
यह समस्या केवल एक दिन की नहीं है, बल्कि मानिकपुर नगर पंचायत क्षेत्र में जलभराव एक पुरानी बीमारी बन चुकी है। हाल ही में 29 जून 2026 को वार्ड-13 में जाम नालियों की वजह से सड़कों और कब्रिस्तान में गंदा पानी भर गया था, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत कार्यालय के घेराव की चेतावनी भी दी थी। इतना ही नहीं, प्रयागराज-लखनऊ हाईवे से पीथीपुर गांव को जोड़ने वाले रास्ते पर पिछले चार सालों से पानी जमा है, जिससे ग्रामीण परेशान हैं।
नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने 7 जुलाई 2026 को सभी नगरीय निकायों की तैयारियों की समीक्षा की थी और जलभराव या सीवर ओवरफ्लो होने पर अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय करने की बात कही थी। कानपुर की महापौर प्रमिला पांडेय ने भी अधिकारियों की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, प्रयागराज के कुछ वार्डों में पानी की निकासी के लिए परेड मैदान में बाढ़ पंपिंग स्टेशन बनाने की योजना भी तैयार की गई है।
मानिकपुर प्रशासन का मानना है कि नालों पर हुए अवैध अतिक्रमण की वजह से पानी की निकासी रुक जाती है। इसी समस्या को देखते हुए पहले भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा चुकी है, लेकिन धरातल पर स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है।