UP : लखनऊ पुलिस लाइन में ड्यूटी आवंटन के नाम पर पैसे लेने का मामला सामने आया है। एक सिपाही द्वारा सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सब-इंस्पेक्टर और 11
UP : लखनऊ पुलिस लाइन में ड्यूटी आवंटन के नाम पर पैसे लेने का मामला सामने आया है। एक सिपाही द्वारा सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सब-इंस्पेक्टर और 11 अन्य पुलिसकर्मियों को उनके पदों से हटा दिया गया है। अब पुलिस विभाग ने ड्यूटी लगाने के लिए कंप्यूटर सिस्टम लागू करने का फैसला किया है।
सिपाही के वीडियो से कैसे शुरू हुआ विवाद
सिपाही सुनील कुमार शुक्ला ने 7 मई 2026 को एक वीडियो जारी कर लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में वसूली के आरोप लगाए थे। इसके बाद उन्होंने 8 और 11 मई को और वीडियो डाले, जिनमें जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए और अपने घर पर पुलिस छापेमारी का आरोप लगाया। शुक्ला ने कुछ IPS अधिकारियों पर वसूली की व्यवस्था चलाने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय मांगा था।
पुलिस की कार्रवाई और नया सिस्टम
पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सिंघर ने मामले का संज्ञान लेकर एडीसीपी को जांच के आदेश दिए थे। जांच महिला अपराध शाखा की एसीपी को सौंपी गई। जांच के बाद 12 मई को एक दारोगा और 11 पुलिसकर्मियों को हटा दिया गया। भ्रष्टाचार रोकने के लिए अब ड्यूटी आवंटन के लिए कंप्यूटरीकृत प्रणाली (Computerized System) लागू की जाएगी ताकि किसी भी तरह की मनमानी या वसूली न हो सके।
पुलिस विभाग का अपना पक्ष क्या है
लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने कहा कि रिजर्व पुलिस लाइंस में ड्यूटी का आवंटन SOP के अनुसार और राजपत्रित अधिकारियों की देखरेख में होता है। पुलिस ने सिपाही के घर पर दबिश और परिजनों से दुर्व्यवहार के आरोपों को गलत बताया है। विभाग का कहना है कि टीम केवल नोटिस देने गई थी। अब साक्ष्यों की जांच के बाद आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ पुलिस लाइन में क्या मामला हुआ था
सिपाही सुनील कुमार शुक्ला ने आरोप लगाया था कि पुलिस लाइन में ड्यूटी आवंटन के नाम पर वसूली की जा रही है। उन्होंने इसके लिए सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किए थे।
इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है
एक सब-इंस्पेक्टर और 11 पुलिसकर्मियों को उनके पदों से हटा दिया गया है और भविष्य में पारदर्शी ड्यूटी आवंटन के लिए कंप्यूटरीकृत प्रणाली लागू की जाएगी।