UP के लखनऊ और नोएडा में बनेंगे डीप टेक हब, योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी, युवाओं को मिलेंगे रोजगार

UP: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य को तकनीक के मामले में देश का लीडर बनाने की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में लखनऊ और नोएडा में ‘यू-हब’ यानी डीप टेक ह

UP: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य को तकनीक के मामले में देश का लीडर बनाने की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में लखनऊ और नोएडा में ‘यू-हब’ यानी डीप टेक हब बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इस पहल का मकसद यूपी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स और नई टेक्नोलॉजी के केंद्र के रूप में विकसित करना है।

सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 100 करोड़ रुपये का शुरुआती बजट तय किया है। इसमें से 70 करोड़ रुपये बुनियादी ढांचे के निर्माण और 30 करोड़ रुपये कामकाज के खर्च के लिए रखे गए हैं। अगले तीन सालों में इस पूरी योजना के लिए लगभग 387.5 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद का प्रस्ताव है। इस प्रोजेक्ट से राज्य में 1 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

इन हबों का विकास चरणों में होगा। पहले चरण में नोएडा और लखनऊ में करीब 25 हजार-25 हजार वर्ग फुट के इलाके को सह-कार्यशील स्थानों और प्रोटोटाइपिंग सुविधाओं के साथ अपडेट किया जाएगा। इसके बाद नोएडा में 4 लाख वर्ग फुट और लखनऊ में 2 लाख वर्ग फुट के आधुनिक डीप-टेक कैंपस बनाए जाएंगे। इन केंद्रों का संचालन 11 सदस्यों वाला एक बोर्ड करेगा, जिसके अध्यक्ष IIT कानपुर के निदेशक होंगे।

दोनों शहरों के केंद्रों का फोकस अलग-अलग क्षेत्रों पर रहेगा:

केंद्र का नाम मुख्य फोकस क्षेत्र
नोएडा केंद्र सेमीकंडक्टर डिजाइन, फिनटेक AI, रोबोटिक्स, डिफेंस टेक्नोलॉजी और एडवांस कंप्यूटिंग
लखनऊ केंद्र हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी, बायो-टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्रियल AI और डायग्नोस्टिक्स

सरकार का लक्ष्य ‘इनोवेट इन यूपी, स्केल फॉर द वर्ल्ड’ के विजन के साथ यूपी को देश की ‘डीप टेक कैपिटल’ बनाना है। यू-हब के जरिए स्टार्टअप्स, रिसर्च संस्थानों और निवेशकों को एक ऐसा मंच मिलेगा जहां नए आविष्कारों को बाजार तक लाया जा सकेगा।