UP: लखनऊ में वकीलों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में पूरे प्रदेश के अधिवक्ताओं में भारी गुस्सा है। रामपुर की स्वार तहसील समेत करीब 25 जिलों में वकीलों ने कामकाज बंद कर विरोध जताया है। अधिवक्ताओं ने इस घटना की कड़ी निंद
UP: लखनऊ में वकीलों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में पूरे प्रदेश के अधिवक्ताओं में भारी गुस्सा है। रामपुर की स्वार तहसील समेत करीब 25 जिलों में वकीलों ने कामकाज बंद कर विरोध जताया है। अधिवक्ताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और घायलों के लिए मुआवजे की मांग की है।
क्यों हुआ लखनऊ में लाठीचार्ज और क्या है पूरा मामला
यह घटना 17 मई 2026 को लखनऊ के कैसरबाग स्थित सिविल कोर्ट परिसर और पुराने उच्च न्यायालय भवन के पास हुई। नगर निगम ने हाई कोर्ट के आदेश पर वकीलों के अनाधिकृत चैंबर और दुकानों को हटाने का अभियान चलाया था। इस दौरान पुलिस और वकीलों के बीच झड़प हुई, जिसमें पुलिस पर बर्बर लाठीचार्ज करने का आरोप लगा है। हालांकि, डीसीपी पश्चिम कमलेश दीक्षित का कहना है कि भीड़ ने पथराव किया था, जिसके जवाब में लाठियां चलानी पड़ीं।
रामपुर और अन्य जिलों में कैसा रहा विरोध प्रदर्शन
19 मई 2026 को रामपुर की स्वार तहसील के अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार किया और एसडीएम अमन देवल के जरिए राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। लखनऊ में 18 मई को ‘काला दिवस’ मनाया गया और सेंट्रल बार एसोसिएशन ने 18 से 20 मई तक सभी न्यायालयों में हड़ताल की घोषणा की। आगरा, वाराणसी, जौनपुर और गोरखपुर जैसे करीब 25 जिलों में भी वकीलों ने न्यायिक कार्यों को रोककर अपना विरोध दर्ज कराया।
अधिवक्ताओं ने सरकार के सामने क्या मांगें रखी हैं
- ठाकुरगंज इंस्पेक्टर ओमवीर सिंह और करीब 25 दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त एक्शन लिया जाए।
- घायल वकीलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाए और उन्हें उचित मुआवजा मिले।
- वकीलों की सुरक्षा के लिए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए।
- ध्वस्त हुए चैंबरों के लिए आर्थिक मदद दी जाए और घटना की निष्पक्ष जांच हो।
सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिलेश जायसवाल और महामंत्री अवनीश दीक्षित ‘हनी’ को हाई कोर्ट में लंबित याचिका में पक्षकार बनाया जाएगा। साथ ही 20 मई को दोपहर 2 बजे लखनऊ की सभी बार एसोसिएशनों की एक आमसभा होगी, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में लाठीचार्ज की मुख्य वजह क्या थी?
17 मई 2026 को हाई कोर्ट के आदेश पर नगर निगम द्वारा सिविल कोर्ट परिसर में अनाधिकृत चैंबर और दुकानों को हटाने के दौरान पुलिस और वकीलों के बीच झड़प हुई थी।
वकीलों ने किन प्रमुख मांगों को उठाया है?
वकीलों ने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई, घायलों को मुआवजा, एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने और क्षतिग्रस्त चैंबरों के लिए आर्थिक मदद की मांग की है।