UP : उत्तर प्रदेश में एक्स-रे टेक्नीशियन की भर्ती प्रक्रिया अब कानूनी उलझनों में फंस गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने यूपी एक्स-रे टेक्नीशियन सर्विस रूल्स-2024 को बनाने के तरीके पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने
UP : उत्तर प्रदेश में एक्स-रे टेक्नीशियन की भर्ती प्रक्रिया अब कानूनी उलझनों में फंस गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने यूपी एक्स-रे टेक्नीशियन सर्विस रूल्स-2024 को बनाने के तरीके पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने इस मामले में सरकार से पूरा रिकॉर्ड मांगा है, जिससे 382 पदों पर होने वाली भर्ती पर असर पड़ा है।
कोर्ट ने सरकार से क्या सवाल पूछे और क्या आदेश दिया?
जस्टिस करुणेश सिंह पवार की सिंगल बेंच ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान नाराजगी जताई। कोर्ट ने पाया कि मेडिकल हेल्थ विभाग के जॉइंट डायरेक्टर डॉ. सुनील कुमार वर्मा को नियम बनाने की प्रक्रिया की कोई जानकारी नहीं थी। कोर्ट ने कहा कि न तो सरकारी वकील और न ही मौजूद अधिकारी यह बता पाए कि विभाग ने नियम बनाते समय क्या तरीका अपनाया। अब कोर्ट ने कार्मिक विभाग के विशेष सचिव स्तर के अधिकारी को 13 मई 2026 को पूरा रिकॉर्ड लेकर पेश होने का आदेश दिया है। इस केस को अगली सुनवाई में टॉप 10 केसों की लिस्ट में रखा गया है।
भर्ती प्रक्रिया और पुराने नियमों का क्या विवाद है?
यह पूरा मामला दिवाकर सिंह द्वारा दायर याचिका से शुरू हुआ है। विवाद मुख्य रूप से डिग्री और डिप्लोमा धारकों की पात्रता को लेकर है। 1986 के पुराने नियमों में केवल डिप्लोमा धारकों को मौका मिलता था, जबकि BMRD & IT डिग्री वाले लोग इससे बाहर थे। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह भेदभाव संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 के खिलाफ है। इसी वजह से 2023 में विज्ञापित 382 पदों की भर्ती रुकी हुई है, क्योंकि UPSSSC को अभी तक डिग्री और डिप्लोमा की समानता पर स्पष्ट निर्देश नहीं मिले हैं।
एक्स-रे टेक्नीशियन भर्ती में पहले क्या घोटाले हुए?
प्रदेश में एक्स-रे टेक्नीशियन की नियुक्तियों में पहले भी बड़े फर्जीवाड़े सामने आए हैं। सितंबर 2025 में एक मामला सामने आया था जहां एक व्यक्ति 9 साल तक 6 अलग-अलग जिलों में काम कर 3 करोड़ रुपये वेतन ले गया। वहीं 2008 की भर्ती में 79 पदों के मुकाबले 140 लोगों की नियुक्ति हुई, जिनमें कई के पास फर्जी डिग्री थी। इन गड़बड़ियों की जांच के लिए सरकार ने फरवरी 2026 में एक तीन सदस्यीय कमेटी बनाई थी। इसके अलावा 2012 की NHM भर्ती में भी एक ही पोस्ट पर दो लोगों की नियुक्ति की शिकायतें मिली थीं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ हाईकोर्ट ने विशेष सचिव को क्यों बुलाया है?
कोर्ट ने यूपी एक्स-रे टेक्नीशियन सर्विस रूल्स-2024 बनाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। विभाग के अधिकारी रिकॉर्ड के बारे में जानकारी नहीं दे पाए, इसलिए विशेष सचिव को 13 मई 2026 को पूरा रिकॉर्ड पेश करने का आदेश दिया गया है।
एक्स-रे टेक्नीशियन भर्ती में मुख्य विवाद क्या है?
मुख्य विवाद पात्रता को लेकर है। पुराने नियमों में केवल डिप्लोमा धारकों को मौका मिलता था, जबकि BMRD & IT डिग्री धारकों को बाहर रखा गया था। अब इस भेदभाव को चुनौती दी गई है, जिससे 382 पदों की भर्ती रुकी हुई है।