UP में नकली दवाओं के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़, Lucknow और Gonda से Rajasthan तक जुड़े हैं तार

UP/Lucknow : उत्तर प्रदेश के लखनऊ और गोंडा जिलों में नकली और अवैध दवाओं के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क को पकड़ा गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर लाखों रुपये की संदिग्ध

UP/Lucknow : उत्तर प्रदेश के लखनऊ और गोंडा जिलों में नकली और अवैध दवाओं के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क को पकड़ा गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर लाखों रुपये की संदिग्ध दवाएं जब्त की हैं। इस रैकेट के तार राजस्थान समेत कई अन्य राज्यों से जुड़े हुए हैं।

गोंडा में पुलिस और FSDA की टीम ने 16 से 18 जुलाई के बीच एक विशेष अभियान चलाया। इस दौरान बरियार पुरवा सोनार गली, बड़गांव और कोतवाली नगर इलाके में तीन अवैध गोदाम मिले। यहाँ से करीब 1.13 करोड़ रुपये की नशीली और एलोपैथिक दवाएं बरामद हुईं। इनमें डिपट्राम प्लस, अल्ट्रानिम-पी और कोडीन फॉस्फेट सिरप जैसी दवाएं शामिल थीं। इस मामले में शिवम कसौधन को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य आरोपी अमन कसौधन फरार है। पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

वहीं लखनऊ के बख्शी का तालाब (BKT) क्षेत्र में भी बड़ी कार्रवाई हुई। मामपुर खड़ंजा मार्ग पर एक वैन से 2157 बोतल नकली दवाएं पकड़ी गईं, जिनकी कीमत करीब 4.37 लाख रुपये है। इनमें अल्कासोल, म्यूकेन जेल और रूबिरेड जैसे मशहूर ब्रांड्स की नकली बोतलें थीं। वैन चालक भूपेंद्र सिंह ने पूछताछ में बताया कि वह यह माल राज विक्रम सिंह और विनीत सिंह के कहने पर अमीनाबाद दवा बाजार ले जा रहा था। जांच में पाया गया कि इन बोतलों के लेबल और लोगो असली कंपनी से अलग थे।

FSDA के अनुसार यह एक संगठित सिंडिकेट है जिसके तार हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और उत्तराखंड से जुड़े हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चलाए गए एक बड़े अभियान में अब तक 3.63 करोड़ रुपये से अधिक की नकली दवाएं जब्त की गई हैं और 58 थोक दवा लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।

FSDA के सहायक मंडल आयुक्त ब्रजेश कुमार ने बताया कि नकली दवाओं की खेप कूरियर के जरिए लखनऊ पहुंचती है और फिर इसे आसपास के जिलों में बेचा जाता है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि ऐसी दवाएं मरीजों के लिए बहुत खतरनाक हो सकती हैं क्योंकि इनमें जरूरी तत्व नहीं होते या उनकी मात्रा गलत होती है।

इस बीच दिल्ली क्राइम ब्रांच ने भी 10 जुलाई को इस रैकेट के एक बड़े सरगना मोहम्मद अकदस सिद्दीकी को गिरफ्तार किया है। वह मुजफ्फरनगर की एक हाई-टेक फैक्ट्री में नामी कंपनियों के नाम पर नकली पैकिंग और लेबल बनाकर दवाएं तैयार करता था और उन्हें बाजार से 60 प्रतिशत कम दाम पर बेचता था।