UP में गौ गर्जना धर्मसभा से पहले पुलिस की कार्रवाई, रेडीगारापुर में 3 गौ सैनिक नजरबंद
UP/Lucknow: राजधानी लखनऊ में होने वाली गौ गर्जना धर्मसभा को लेकर प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। इस कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे रेडीगारापुर गांव के तीन गौ सैनिकों को पुलिस ने शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे उनके घरों पर ही नजरब
UP/Lucknow: राजधानी लखनऊ में होने वाली गौ गर्जना धर्मसभा को लेकर प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। इस कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे रेडीगारापुर गांव के तीन गौ सैनिकों को पुलिस ने शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे उनके घरों पर ही नजरबंद कर दिया। यह कार्रवाई तब हुई जब ये कार्यकर्ता लखनऊ के लिए निकलने की तैयारी कर रहे थे।
दरअसल, यह पूरा मामला ‘गौ गर्जना अक्षौहिणी संकल्प’ धर्मसभा से जुड़ा है। पहले यह कार्यक्रम 24 जुलाई 2026 को लखनऊ के कांशीराम स्मृति उपवन में आयोजित होना था। लेकिन आयोजकों का कहना है कि प्रशासन ने अनुमति देने में बहुत देरी की और असहयोग किया, जिसकी वजह से कार्यक्रम के स्वरूप में बदलाव करना पड़ा। अब यह आयोजन डिजिटल तरीके से किया जा रहा है, जिसमें गौ भक्त अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों से जुड़कर हिस्सा ले रहे हैं।
कार्यक्रम के मुख्य नेतृत्वकर्ता शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने महीनों पहले आवेदन किया था और 4.64 लाख रुपये से ज्यादा की फीस भी जमा की थी, लेकिन लखनऊ प्रशासन ने अनुमति केवल 22 जुलाई की शाम को पोर्टल पर अपलोड की। उनके मुताबिक, कार्यक्रम से महज 36 घंटे पहले अनुमति देना आंदोलन को कमजोर करने की एक कोशिश थी।
शंकराचार्य ने यह भी साफ कर दिया कि भविष्य में लखनऊ में होने वाले कार्यक्रमों के लिए वे अनुमति नहीं लेंगे। इस पूरे अभियान का मुख्य उद्देश्य गाय को ‘राष्ट्र माता’ घोषित करवाना और गौ हत्या पर पूरी तरह रोक लगवाना है। अब 24 जुलाई को दोपहर 1 से 2 बजे के बीच लोग LED स्क्रीन या टेलीविजन के जरिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का प्रवचन सुन रहे हैं।